पटियाला हाउस कोर्ट का आदेश: 50 हजार के मुचलके पर राहत, पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा करने के निर्देश
नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को बड़ी राहत मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने यह आदेश पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद सुनाया।
कोर्ट ने जमानत देते समय कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। चिब को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम जांच प्रक्रिया को प्रभावित न करने और देश छोड़कर जाने की आशंका को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात चिब को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया था और सात दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
इससे पहले 24 फरवरी को अदालत ने चिब को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए प्रदर्शन की साजिश चिब ने रची थी और प्रदर्शनकारियों को आवश्यक संसाधन तथा लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई थी। पुलिस के अनुसार यह प्रदर्शन 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया था।
मामले में 21 फरवरी को युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने इन चारों को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान आरोपितों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और इस दौरान हाथापाई में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
जांच में सामने आया है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले काला छाता और छपे हुए स्टीकर लेकर सम्मेलन स्थल में प्रवेश करने की योजना बनाई थी। हालांकि पकड़े जाने की आशंका के चलते उन्होंने अपनी रणनीति बदली और टी-शर्ट पर संदेश छपवाकर उसे स्वेटर और जैकेट के नीचे छिपाकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। भारत मंडपम के हॉल नंबर पांच में पहुंचकर उन्होंने अचानक टी-शर्ट उतारकर उसे लहराते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस मामले में 27 फरवरी को युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत दी जा चुकी है। वहीं 26 फरवरी को अदालत ने हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार तीन अन्य कार्यकर्ताओं सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की साजिश और समन्वय की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
घटना ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। एक ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बता रहा है, तो दूसरी ओर प्रशासन इसे सुरक्षा में गंभीर चूक और सुनियोजित अव्यवस्था फैलाने का प्रयास मान रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत द्वारा तय शर्तों के तहत उदय भानु चिब को जमानत पर रिहा किया गया है।
✨ स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!
काकीनाडा में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट: 18 की मौत, 8 गंभीर रूप से झुलसे
तेहरान पर भीषण एयरस्ट्राइक: ईरानी रक्षामंत्री की मौत का दावा, जंग जैसे हालात
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071157234z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-56.png)
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071151025z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-50.png)
/swadeshjyoti/media/media_files/2026/02/28/uday-bhanu-chib-granted-bail-2026-02-28-20-39-40.jpg)