दावोस में दूसरे दिन वैश्विक कंपनियों के साथ गहन संवाद, कृषि और शिक्षा में जेमिनी एआई के उपयोग पर भी सहमति
दावोस। स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के लिए निवेश की दृष्टि से अहम संकेत सामने आए। वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावना पर गंभीर रुचि दिखाई है। मंगलवार को गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट संजय गुप्ता के साथ राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की विस्तृत बैठक हुई, जिसमें आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग पर गहन चर्चा की गई।
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आईटी और डेटा सेंटर के लिए हरित ऊर्जा पर जोर
बैठक में मध्यप्रदेश सरकार ने गूगल प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि राज्य आईटी एवं डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त और सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हरित ऊर्जा आधारित नीति तैयार कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा के मजबूत आधार के साथ मध्यप्रदेश बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर परियोजनाओं की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है। साथ ही, राज्य की अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और निवेशकों के प्रति सहयोगी दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया गया।
कृषि और शिक्षा में जेमिनी एआई के उपयोग पर संवाद
गूगल की ओर से बैठक के दौरान जेमिनी एआई के माध्यम से कृषि और शिक्षा क्षेत्रों में नवाचार एवं डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर विचार साझा किए गए। इसमें किसानों को डेटा आधारित सलाह, फसल प्रबंधन, बाजार तक पहुंच और शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल लर्निंग टूल्स को सशक्त करने जैसे पहलुओं पर चर्चा हुई। गूगल के एशिया पैसिफिक प्रेसिडेंट संजय गुप्ता ने आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से मध्यप्रदेश को एक उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की।
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जॉन कील्स होल्डिंग्स के साथ निवेश अवसरों पर चर्चा
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान श्रीलंका के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह जॉन कील्स होल्डिंग्स पीएलसी के साथ भी मध्यप्रदेश के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मनीष सिंह ने समूह के चेयरमैन कृष्णन बालेंद्र के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान लॉजिस्टिक्स, आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियों और उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी भी साझा की गई।
एवरस्टोन समूह की ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण में रुचि
स्टेट लाउंज में एवरस्टोन समूह के साथ हुई बैठक में समूह ने मध्यप्रदेश में निवेश की स्पष्ट रुचि जताई। एवरस्टोन समूह के प्रेसिडेंट और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के साथ अधिकारियों ने ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम में मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित किया गया। इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास विकसित हो रहे ईवी और ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स, वस्त्र एवं परिधान उद्योग तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की स्थापित क्षमताओं की जानकारी दी गई। सोलर पैनल, बैटरी, इंगट्स और वेफर्स सहित उपकरण और कंपोनेंट विनिर्माण में निवेश अवसरों पर भी विचार किया गया। दोनों पक्षों ने खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के साथ लॉजिस्टिक्स निवेश पर अहम बैठक
मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के डिप्टी सीईओ एवं हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट्स तुषार सिंहवी के साथ बैठक कर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, इनलैंड कंटेनर डिपो, वेयरहाउसिंग और एकीकृत सप्लाई चेन अवसंरचना में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। क्रेसेंट एंटरप्राइजेज ने भारत में अपने विस्तार की मंशा जताते हुए लॉजिस्टिक्स आधारित निवेश के लिए मध्यप्रदेश को एक रणनीतिक गंतव्य के रूप में देखने की रुचि व्यक्त की। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने राज्य की समर्पित लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात नीति की जानकारी साझा की, जिसके अंतर्गत पूंजी निवेश सहायता, अवसंरचना सुविधा, स्टांप शुल्क प्रतिपूर्ति और हरित लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश में मजबूत औद्योगिक आधार मौजूद
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि देश के केंद्र में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश को भौगोलिक लाभ प्राप्त है। राज्य के हवाई अड्डों के माध्यम से लागत प्रभावी कार्गो हैंडलिंग, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र एवं परिधान और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में मजबूत औद्योगिक आधार मौजूद है। भूमि की उपलब्धता, विश्वसनीय विद्युत और जल आपूर्ति तथा स्थिर श्रम वातावरण मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन परियोजनाओं के लिए उच्च दक्षता वाला निवेश गंतव्य बनाता है।
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