हिंदू पक्ष की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला 

नई दिल्ली/धार: सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि मध्यप्रदेश स्थित भोजशाला में वसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों होगी। उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि नमाज दोपहर 1:00 से 3:00 बजे के बीच पढ़ी जा सकेगी। नमाज के लिए मंदिर परिसर में ही अलग से जगह निर्धारित होगी। नमाज पढ़ने वालों के लिए विशेष पास की व्यवस्था होगी। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि वसंत पंचमी की पूजा के लिए भी जगह निर्धारित होगी। पूजा के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। इस विवाद में हिंदू पक्ष की याचिका में बसंत पंचमी के दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज से रोकने और सिर्फ हिंदुओं को ही मां सरस्वती की पूजा-अर्चना देने की इजाजत की मांग की गई थी।
दरअसल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 7 अप्रैल, 2023 को जारी आदेश के मुताबिक भोजशाला में हिन्दुओं को मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन पूजा की इजाजत है। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को 1:00 से 3:00 बजे के बीच नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन एएसआई के इस आदेश में यह साफ नहीं है कि अगर बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन होगी, तो क्या होगा।


वकील विष्णु शंकर जैन के जरिये दाखिल इस याचिका में कहा गया था कि मां सरस्वती का यह मंदिर परमार राजा भोज ने 11वीं शताब्दी में बनाया था। कोर्ट के आदेश के मुताबिक हुए सर्वे में भी यहां मंदिर होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में एएसआई का आदेश वैसे ही अपने आप में गलत है, लेकिन बसंत पंचमी का दिन तो मां सरस्वती की पूजा अर्चना का दिन है। उस दिन हवन, पूजा और महाआरती जैसे जरुरी धार्मिक कर्म संकल्प से पूर्णाहूति तक बिना किसी व्यवधान के होने चाहिए। गर्भगृह की पवित्रता कायम रहनी चाहिए। ऐसे में उस दिन नमाज की इजाजत नहीं होनी चाहिए।


फैसले के बाद भारी पुलिस बल तैनात, हाई अलर्ट


ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा-अर्चना और जुमे की नमाज को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है और पूरा धार शहर हाई अलर्ट पर है। फैसले के बाद धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भोजशाला पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने कहा कि हमारे वकील आदेश को पढ़ रहे हैं। फिर सभी के साथ बैठक करके आगे की रणनीति पर बात करेंगे। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अलग-अलग व्याख्या न करें। ऐहतियात के तौर पर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। भोजशाला परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।


शांति और कानून व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम


धार कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि बसंत पंचमी उत्सव को दृष्टिगत रखते हुए शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में सुरक्षा की दृष्टि से चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। विभिन्न स्थानों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति पर त्वरित नियंत्रण किया जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार क्षेत्र में फ्लेग मार्च भी किया जा रहा है।


नो-फ्लाई जोन घोषित, ड्रोने हो रही निगरानी


जिला प्रशासन ने भोजशाला क्षेत्र में बसंत पंचमी पर 300 मीटर परिधि में नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। ड्रोन और कैमरों के माध्यम से चौकस निगरानी रखी जा रही है। निर्धारित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि जैसे ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, अनमैंड एरियल व्हीकल (यूएवी) अथवा अन्य किसी भी प्रकार की उड़ने वाली वस्तु का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह सार्वजनिक सड़कों व स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर एवं लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

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