नकल पर कड़ी निगरानी, हर जिले में उड़नदस्ते तैनात, 10वीं-12वीं में 16 लाख से अधिक परीक्षार्थी

भोपाल। मध्य प्रदेश में आज से माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। प्रदेशभर में बनाए गए 3856 परीक्षा केंद्रों पर करीब 7 लाख विद्यार्थियों ने पहले दिन परीक्षा दी। सुबह से ही केंद्रों के बाहर विद्यार्थियों और अभिभावकों की हलचल दिखाई दी। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गईं। इस वर्ष 10वीं और 12वीं को मिलाकर 16 लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें लगभग 9 लाख विद्यार्थी 10वीं और 7 लाख 12वीं के हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा संचालन को देखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

नकल पर सख्ती : हर जिले में चार उड़नदस्ते सक्रिय

परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार नकल के मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं देने का निर्णय लिया गया है। हर जिले में चार-चार उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं जो लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। जिन केंद्रों को संवेदनशील माना गया है, वहां की मॉनिटरिंग सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा : हर चरण की हो रही रिकॉर्डिंग

प्रश्न-पत्रों को थानों से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाया गया है। पूरे मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था के साथ वीडियोग्राफी कराई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना न रहे। केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को भी नियंत्रित किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

समय सीमा पर जोर : 8:30 बजे के बाद प्रवेश बंद

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्रों को पहले पहुंचने की सलाह दी गई थी ताकि जांच और बैठने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। केंद्राध्यक्षों और कक्ष निरीक्षकों को भी नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश हैं।

हालांकि कुछ स्थानों पर ट्रैफिक या अन्य कारणों से देरी से पहुंचे विद्यार्थियों को पुलिस की मौजूदगी में कारण जानने के बाद प्रवेश दिया गया। राजधानी भोपाल के कुछ केंद्रों पर ऐसे दृश्य सामने आए जहां 9 बजे के आसपास पहुंचे विद्यार्थियों ने देरी की वजह बताई, जिसके बाद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई।

भोपाल में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी

राजधानी में 12वीं के 26 हजार से अधिक और 10वीं के 30 हजार से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। इसके लिए शहर में 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों पर सुबह से ही व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात रहा। अभिभावक भी बच्चों को लेकर समय से पहले पहुंचे ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।

प्रशासन अलर्ट : लगातार ली जा रही रिपोर्ट

प्रदेश स्तर पर परीक्षा की स्थिति पर नजर रखने के लिए अधिकारियों द्वारा नियमित रिपोर्ट ली जा रही है। उड़नदस्तों की गतिविधि, उपस्थिति, प्रश्न-पत्र वितरण और परीक्षा समाप्ति तक की जानकारी मुख्यालय तक पहुंचाई जा रही है। बोर्ड का उद्देश्य है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।

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