दिग्विजय सिंह ने कहा- भोपाल की ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रखने न बदलें इमारतों-संस्थाओं के नाम
भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों और संस्थाओं के नाम परिवर्तित किए जाने के भोपाल नगर निगम के प्रस्ताव का पूर्व सीएम व कांग्रेस (BJP and Congress) के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कड़ा विरोध किया है। सीएम ने नामों को बदलने का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। दिग्विजय ने सीएम को लिखे पत्र में मांग की है कि वह इस मामले में संज्ञान लें और भोपाल नगर निगम द्वारा नाम ऐतिहासिक इमारतों व संस्थाओं के नाम बदलने के प्रस्ताव को निरस्त करने के निर्देश दें।
दिग्विजय सिंह ने पत्र में उल्लेखन किया है कि भोपाल निवासी अधिवक्ता नवेद अख्तर हाशमी ने इस संबंध में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें भोपाल नगर निगम (BJP) द्वारा पारित संकल्प क्रमांक 05 दिनांक 24 जुलाई 2025 के माध्यम से शहर की ऐतिहासिक संस्थाओं जैसे हमीदिया अस्पताल, हमीदिया कॉलेज एवं हमीदिया स्कूल सहित अन्य संस्थानों के नाम परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव पर गहरी आपत्ति व्यक्त की गई है। सिंह ने कहा कि यह संस्थाएं भोपाल के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ी हुई हैं। नवाब हमीदउल्ला खां न केवल भोपाल रियासत के शासक रहे, बल्कि उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके नाम से जुड़ी ऐतिहासिक संस्थाओं के नाम बदलने का प्रस्ताव न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ है, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को कमतर आंकने का प्रयास भी है।
ऐसे निर्णय समाज में विभाजन पैदा करते हैं
पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि भोपाल नगर निगम द्वारा पारित यह प्रस्ताव बेबुनियादी तथ्यों पर आधारित है। इसका कोई तार्किक अथवा ऐतिहासिक औचित्य नहीं है। इस प्रकार के निर्णय समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा करते हैं और प्रदेश की गौरवशाली विरासत को ठेस पहुंचाते हैं। सिंह ने सीएम से आग्रह किया कि भोपाल शहर की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए नगर निगम के इस आधारहीन एवं विवादास्पद प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने हेतु संबंधित अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए जाएं। पूर्व सीएम ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान की रक्षा करते हुए इस विषय में संवेदनशील एवं न्यायोचित निर्णय लेगी।
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