इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन द्वारा आयोजित ग्रेन एक्स इंडिया को उद्घाटन समारोह में सहभागिता की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यहां दाल को लेकर भी मुहावरों का ऐसा प्रयोग किया गया है कि वो हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान दाल नहीं गलनेवाला और यह मुंह और मसूर की दाल नामक मुहावरों का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दाल उत्पादन और इसका उपयोग करने में हमारा देश अव्वल है।शाकाहारी घरों में दाल की बजाए किसी और चीज से काम चलाना कठिन है। दक्षिण भारत में उड़द के खाद्य पदार्थ बनते है जबकि हमारे यहां तुअर की दाल का उपयोग ज्यादा है।
कृषि क्षेत्र में वार्षिक विकास दर 16 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमने किसानों के उत्पादन के जरिए खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाया है जिसके चलते हम अब देश में दूसरे स्थान पर है हमारा वार्षिक विकास दर कृषि क्षेत्र में 16 प्रतिशत है। प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण फूल, फल सब्जियों के उत्पादन में अलग स्थान बना रहा है। मध्यप्रदेश देश का फूड बास्केट बन गया है। प्रदेश में एक समय दलहन के 2300 कारखाने थे जो घटकर 900 रह गए है। धीरे-धीरे व्यापारियों के हित में सरकार सारे फैसले लेगी ताकि उड़द सहित अन्य खाद्य फसलों का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट है और खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है...
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) February 6, 2026
प्रदेश सरकार "किसान कल्याण वर्ष-2026" में किसानों की उन्नति के लिए लगातार कार्य कर रही है : CM@DrMohanYadav51@Industryminist1@minmpmsme@foodsuppliesmp#Indorepic.twitter.com/tOwWbWhjVN
दाल का महत्व सर्वाधिक प्रोटीन खाने की थाली में दाल से ही मिलता है। हमे किसी प्रकार के अंडे वगैरह खाने की जरूरत नहीं है। हमने दो निर्णय लिए है। दूध उत्पादन 9 से बढ़ाकर 20 फीसदी करेंगे वहीं दालों का उत्पादन भी बढ़ाने जा रहे है। किसानों के साथ जल्द ही मसूर और उड़द का उत्पादन बढ़ाने किसानों को बोनस देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर का दौर सबसे बेहतर है जितनी संभावनाएं है उसमें पूरी मदद करेंगे। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है हमारे चारों तरफ अच्छे रोड है और बेहतर रेलवे नेटवर्क है। हमारे यहां से उत्पादित खाद्य पदार्थो को विदेश भेजेंगे। जमीन और मशीनों पर भी सब्सिडी देंगे। टैक्स में राहत देंगे।24 पॉलिसी व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए बनाई।
मसूर और उड़द के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार जल्द ही बोनस देने की योजना बनाने जा रही है...
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 6, 2026
ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन द्वारा आज इंदौर में "GrainEx India" के उद्घाटन समारोह में सहभागिता की।
मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट बन रहा है। खाद्यान्न उत्पादन में राज्य… pic.twitter.com/Znn7SczADJ
अब भारत के बजट पर दुनिया की निगाहें होती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार श्रेणाी में हम देश को आगे बढ़ा रहे है, गरीब,युवा किसाना और महिलाओं को लेकर काम कर रहे है। किसानों को आगे लाने के लिए अलग-अलग श्रेणीवार प्रोत्साहन देकर हमारी सरकार का संकल्प है कि पांच साल में दोगुना करेंगे इसलिए 15 फीसदी की दर से हम आगे बढ़ रहे है। आर्थिक तौर पर मप्र को आागे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्तव में हमने एक अलग पहचान बनाई। गुट निरपेक्ष नीति का सच्चा नेता प्रधानमंत्री मोदी है। देश के लिए उत्पादन करनेवालों के लिए जो बेहतर हो सकता है वह सब सरकार कर रही है। मोदी जी के तीसरे टर्म में भारत टस से मस नहीं होता है। भारत अपने किसान और कृषि क्षेत्र का ध्यान रखता है। बजट के पहले और बाद में क्या हुआ। भारत अब किसी से प्रभावित नहीं होता बल्कि अब भारत के बजट से दुनिया प्रभावित होती है।
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