5 से 9 जनवरी के बीच भोपाल में आयोजित होगी महर्षि मैत्री क्रिकेट श्रृंखला-6

भोपाल की खेल और सांस्कृतिक दुनिया में जनवरी 2026 एक नए और ऐतिहासिक प्रयोग का साक्षी बनने जा रही है। राजधानी के अंकुर खेल मैदान में 5 से 9 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाली महर्षि मैत्री क्रिकेट श्रृंखला-6 इस बार अपने पारंपरिक और सांस्कृतिक स्वरूप के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। इस प्रतियोगिता में क्रिकेट केवल खेल नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और संस्कृत भाषा का जीवंत मंच बनकर उभरेगा।

इस अनूठी क्रिकेट श्रृंखला की सबसे खास बात यह है कि खिलाड़ी आधुनिक जर्सी की जगह पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर मैदान में उतरेंगे। वहीं, चौके-छक्कों और विकेटों के रोमांच के बीच दर्शकों को जो सबसे अलग अनुभव मिलेगा, वह होगी संस्कृत भाषा में की जाने वाली कमेंट्री। मैदान पर होने वाली हर घोषणा, अंपायर के निर्णय और मैच से जुड़ी जानकारी संस्कृत में दी जाएगी, जिससे खेल के साथ-साथ भाषा और संस्कृति का भी उत्सव मनाया जाएगा।

महर्षि मैत्री क्रिकेट श्रृंखला-6 का आयोजन परशुराम कल्याण बोर्ड और वैदिक ब्राह्मण युवा खेल कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेल के माध्यम से संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाना, सनातन संस्कृति के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक समरसता का संदेश देना है। यह आयोजन इस बात का उदाहरण बनेगा कि आधुनिक खेल और प्राचीन परंपराएं एक-दूसरे के पूरक बन सकती हैं।

इस आयोजन को लेकर परशुराम कल्याण बोर्ड कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बोर्ड अध्यक्ष पंडित विष्णु राजोरिया ने प्रतियोगिता की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह श्रृंखला 5 से 9 जनवरी 2026 तक चलेगी और इसमें किसी भी जाति या वर्ग का कोई बंधन नहीं रखा गया है। संस्कृत भाषा, वैदिक परंपरा और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाला कोई भी खिलाड़ी इसमें भाग ले सकता है। उनका कहना था कि यह प्रतियोगिता युवाओं को खेल के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।

पंडित विष्णु राजोरिया ने यह भी कहा कि आज के दौर में जहां युवा तेजी से पाश्चात्य प्रभाव की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं इस तरह के आयोजन उन्हें अपनी परंपरा, भाषा और मूल्यों से दोबारा जोड़ने का कार्य करेंगे। क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल के माध्यम से संस्कृत को प्रस्तुत करना अपने आप में एक अभिनव प्रयास है, जो आने वाले समय में अन्य शहरों और राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

इस महर्षि मैत्री क्रिकेट श्रृंखला में खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता की विजेता टीम को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, वे प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से प्रतियोगिता से जुड़ेंगे और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएंगे। उनकी सहभागिता से आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

प्रतियोगिता में विजेता टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार और आकर्षक ट्रॉफी प्रदान की जाएगी, जबकि उपविजेता टीम को 15 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही हर मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मैन ऑफ द मैच खिलाड़ी को धार्मिक ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को न केवल खेल बल्कि ज्ञान और संस्कार से भी जोड़ा जा सके।

आयोजकों का मानना है कि यह श्रृंखला दर्शकों के लिए भी एक नया अनुभव लेकर आएगी। संस्कृत में होने वाली कमेंट्री से जहां भाषा के प्रति रुचि बढ़ेगी, वहीं पारंपरिक परिधान में खेलते खिलाड़ी भारतीय संस्कृति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करेंगे। अंकुर खेल मैदान में होने वाला यह आयोजन खेल प्रेमियों, संस्कृति प्रेमियों और युवाओं के लिए एक यादगार उत्सव बनने की पूरी संभावना रखता है।

भोपाल में होने जा रहा यह अनोखा क्रिकेट आयोजन यह संदेश देगा कि आधुनिकता की दौड़ में भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना संभव है। महर्षि मैत्री क्रिकेट श्रृंखला-6 न केवल खेल प्रतियोगिता होगी, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और सामाजिक समरसता का एक सशक्त मंच बनकर राजधानी में नई पहचान स्थापित करेगी।

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