किसान हित, व्यापार नीति और राजनीतिक संदेश के केंद्र में राजधानी भोपाल

भोपाल, 24 फरवरी (हि.स.)। भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को विशाल किसान महाचौपाल का आयोजन किया। इस आयोजन को लेकर प्रदेश की राजनीति में विशेष हलचल देखी गई। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल पहुंचे। दोनों नेताओं की मौजूदगी ने इस महाचौपाल को राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दे दिया।

RAHUL GANDHI IN BHOPAL
RAHUL GANDHI IN BHOPAL

राजाभोज विमानतल पर हुआ स्वागत, सीधे सभा स्थल पहुंचे नेता

दोपहर के समय मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी विमान से भोपाल के राजाभोज विमानतल पहुंचे। वहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। विमानतल से दोनों नेता सीधे कार्यक्रम स्थल जवाहर चौक के लिए रवाना हुए। राजधानी के प्रमुख चौराहों में से एक जवाहर चौक को महाचौपाल के लिए चुना गया, जहां बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता एकत्रित हुए।

सभा स्थल पर पहुंचकर दोनों नेताओं ने किसान महाचौपाल को संबोधित करने की तैयारी की। कांग्रेस ने इस आयोजन को केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं और इसी आशंका को लेकर यह महाचौपाल आयोजित की गई है।

व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह व्यापार समझौता देश के कृषि क्षेत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि विदेशी कृषि उत्पादों के लिए बाजार को अधिक खुला किया जाता है, तो इससे स्थानीय किसानों पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बढ़ेगा।

मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने अपने संबोधन में किसानों की आय, लागत, समर्थन मूल्य और कृषि सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों की आशंकाओं को दूर किए बिना किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय को लागू करना उचित नहीं है। कांग्रेस ने मांग की कि व्यापार समझौते के सभी पहलुओं को सार्वजनिक किया जाए और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।

rahul gandhi

सभा स्थल पर अव्यवस्था और पुलिस से बहस

इधर कार्यक्रम स्थल के आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया था। सभा स्थल पर जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से बहस की स्थिति बन गई। कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

एसीपी ट्रैफिक अजय वाजपेयी ने जानकारी दी कि कार्यक्रम में आने वालों को प्लेटिनम प्लाजा और वीआईपी रोड डिपो की ओर से प्रवेश दिया जा रहा है। वहीं जवाहर चौक, माता मंदिर और न्यू मार्केट की दिशा से यातायात को परिवर्तित किया गया है। प्रशासन का कहना था कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था की गई है।

इसके बावजूद कई मार्गों पर कांग्रेस कार्यकर्ता डटे रहे और उन्हें प्रवेश न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते दिखाई दिए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और यातायात को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया। राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ, जिससे आम नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

राजनीतिक संदेश और आगामी रणनीति

भोपाल में आयोजित यह किसान महाचौपाल केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे कांग्रेस की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा समझा जा रहा है। मध्य प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए कांग्रेस किसान मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि बिना व्यापक परामर्श के लिए गए निर्णय किसानों के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज को हर मंच पर उठाएगी।

कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। महाचौपाल का उद्देश्य किसानों की आशंकाओं को सामने लाना और उन्हें राजनीतिक विमर्श का केंद्र बनाना बताया गया।

प्रशासन की सतर्कता और शहर की स्थिति

भोपाल में कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए। हालांकि, भीड़ अधिक होने के कारण कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को शांतिपूर्वक संभाल लिया गया और कार्यक्रम बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की थी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

इस प्रकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित भोपाल की किसान महाचौपाल ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस ने इसे किसानों की आवाज बताकर राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बनाने का संकेत दिया है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस आयोजन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विषय राजनीतिक विमर्श में और अधिक प्रमुखता से उभर सकता है।

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