2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ, 24 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सिंगापुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस दौरे के दौरान ‘टीम यूपी’ को लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 60 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा विभिन्न कंपनियों के साथ हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की बदलती वैश्विक छवि और पारदर्शी नीतिगत वातावरण का परिणाम बताया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। निवेशकों को उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों, कानून व्यवस्था की स्थिति, आधारभूत ढांचे में सुधार और उद्योग अनुकूल नीतियों की विस्तृत जानकारी है। यही कारण है कि कम समय में ही प्रदेश को इतनी बड़ी मात्रा में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये निवेश प्रस्ताव और समझौते उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

नौ वर्षों में बदली प्रदेश की तस्वीर

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर और जापान की यात्रा पर गया है। सिंगापुर पहुंचने के बाद सुबह 8:30 बजे से देर रात तक निवेशकों और शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें चलीं। दूसरे दिन भी प्रातःकाल से ही विभिन्न कार्यक्रम और संवाद जारी रहे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने समग्र विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने बीते साढ़े आठ से नौ वर्षों में आधारभूत संरचना, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और जनकल्याण योजनाओं में तेज गति से विकास किया है। आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अत्यंत सकारात्मक रूप में उभरी है, जिसका सीधा लाभ निवेश आकर्षित करने में मिल रहा है।

सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में उन्होंने सिंगापुर के एक सौ से अधिक शीर्ष प्रतिनिधियों से भेंट की। सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ सकारात्मक और सार्थक वार्ता हुई। इसके अतिरिक्त प्रमुख वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से भी विस्तृत चर्चा की गई।

कई कंपनियां पहले से भारत और उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से गंगा एक्सप्रेस-वे का उल्लेख किया, जो देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें भी कुछ विदेशी कंपनियों ने निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों की धारणा में 360 डिग्री का सकारात्मक परिवर्तन आया है, जो प्रदेश की स्थिर नीतियों और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का परिणाम है।

जेवर में एमआरओ और कार्गो हब की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उन अत्याधुनिक स्थलों का भी दौरा किया, जहां सामान्य लोगों का प्रवेश कठिन होता है। शीघ्र शुरू होने वाले जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो सुविधा और एमआरओ अर्थात विमान अनुरक्षण, मरम्मत और ओवरहॉलिंग केंद्र विकसित करने के लिए सिंगापुर के अनुभव का अध्ययन किया गया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत सहित विश्व के अनेक विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर आते हैं। यदि यह सुविधा भारत में, विशेषकर जेवर में विकसित की जाती है, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। निवेशकों ने इस विषय पर गंभीर तैयारी दिखाई है और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ संभावनाओं को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है।

स्किलिंग मॉडल और रोजगार सृजन पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के विश्वस्तरीय स्किलिंग सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रत्येक जिले में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका उद्देश्य कौशल को सीधे रोजगार से जोड़ना है।

सिंगापुर में जिस प्रकार उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाता है, उसी प्रकार का मॉडल उत्तर प्रदेश में लागू करने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस क्षेत्र में भी सिंगापुर के साथ सहयोग आगे बढ़ेगा, जिससे युवाओं को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण और रोजगार अवसर मिल सकेगा।

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टीम यूपी और उच्चायोग की भूमिका

मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ तथा प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों और अधिकारियों की सराहना की, जो लगातार बैठकों में सक्रिय रहे। उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त और उनकी टीम का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, आधारभूत संरचना, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एमआरओ और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंगापुर में हुए निवेश समझौते और प्राप्त प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तीव्र गति से अग्रसर करेंगे। उन्होंने कहा कि यह दौरा केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करने और भविष्य के लिए दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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