कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधन, ओसीआई पात्रता विस्तार और तिरुवल्लुवर केंद्र की घोषणा

कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत आज केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि निवेश और व्यापार का भरोसेमंद वैश्विक साझेदार बन चुका है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों के साथ हुए व्यापार समझौते इस विश्वास को मजबूत करते हैं और आज भरोसा ही भारत की सबसे बड़ी पूंजी बन गया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई जल्द ही मलेशिया में शुरू होगी, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों और लोगों के आपसी जुड़ाव को नई ताकत मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने बीते दशक में तीव्र परिवर्तन देखा है। देश तेजी से दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना रहा है। मोबाइल निर्माण, नवाचार आधारित उद्यम, रक्षा निर्यात और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक ढांचा आज विश्व में उदाहरण बन चुका है, जहां बड़ी संख्या में त्वरित डिजिटल लेनदेन होते हैं।

भारतीय मूल के लोग: संबंधों की जीवंत कड़ी

प्रधानमंत्री ने मलेशिया में बसे भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के रिश्तों की सबसे मजबूत कड़ी बताया। उन्होंने तमिल, सिख, गुजराती, तेलुगु, मलयाली और अन्य समुदायों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन समुदायों ने अपनी मेहनत, संस्कृति और मूल्यों से मलेशिया की प्रगति में अहम भूमिका निभाई है।

सिख परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने गुरु नानक देव की शिक्षाओं को याद किया और कहा कि नाम जपो, किरत करो और वंड छको का संदेश आज भी समाज को दिशा देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति भारत की अमूल्य धरोहर है और यहां का तमिल समुदाय सदियों से सामाजिक जीवन को समृद्ध कर रहा है।

उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर पहले से स्थापित तिरुवल्लुवर चेयर के बाद अब तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करने की घोषणा भी की। साथ ही ओसीआई कार्ड की पात्रता छठी पीढ़ी तक बढ़ाने की जानकारी दी, जिससे प्रवासी भारतीयों का भारत से जुड़ाव और मजबूत होगा।

मलेशिया में शुरू होगा यूपीआई: मोदी

सांस्कृतिक परंपराओं का विशेष उल्लेख

प्रधानमंत्री ने कहा कि मलेशिया में भारतीय समुदाय ने अपनी परंपराओं को सहेज कर रखा है। उन्होंने बटू केव्स में आयोजित होने वाले ताइपूसम उत्सव का जिक्र किया। साथ ही गरबा की लोकप्रियता और भारतीय भाषाओं में शिक्षा देने वाले विद्यालयों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और इस यात्रा में प्रवासी भारतीयों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। चाहे कोई कुआलालंपुर में जन्मा हो या भारत के किसी शहर में, मातृभूमि के साथ भावनात्मक रिश्ता हमेशा बना रहता है।

modi in malaysia

विमानतल पर गर्मजोशी भरा स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंचने पर वहां के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब पांच बजे विमान के उतरने पर मेजबान प्रधानमंत्री स्वयं मौजूद थे। स्वागत के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया।

हवाई अड्डे पर भारतीय उच्चायोग के अधिकारी, स्कूली बच्चे और सांस्कृतिक कलाकार भी उपस्थित थे। सैन्य टुकड़ी ने सलामी दी और कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने दोनों देशों के झंडे लहराकर अतिथि का अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री ने इस आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आपसी मित्रता को और प्रगाढ़ बनाने के लिए उत्सुक हैं।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी की ओर कदम

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और मलेशिया के रिश्ते अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देश मिलकर साझा परिवर्तन और प्रगति की दिशा में काम कर रहे हैं। यूपीआई की शुरुआत, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहलों से यह संबंध और मजबूत होंगे।

उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में व्यापार, निवेश, तकनीक और जनसंपर्क के क्षेत्रों में सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। प्रवासी भारतीय इस पुल को और सुदृढ़ करने में प्रमुख भूमिका निभाते रहेंगे।

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