बहरीन में इजराइली दूतावास क्षेत्र, कतर के अल उदीद एयर बेस और कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट
तेहरान/तेल अवीव, 06 मार्च। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब खाड़ी क्षेत्र के कई देशों तक फैलता दिखाई दे रहा है। इस बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी कंपनी अमेजन के डेटा सेंटर सहित कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों की पुष्टि अमेजन की क्लाउड सेवा इकाई अमेजन वेब सर्विसेज ने भी की है।
तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु एजेंसी ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के हवाले से बताया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बहरीन में अमेजन के एक डेटा सेंटर को लक्ष्य बनाकर ड्रोन हमला किया। बताया जा रहा है कि यह हमला क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियान की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें ईरान खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और उससे जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है।
अमेजन के डेटा सेंटर और इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान
अमेजन की क्लाउड सेवा इकाई अमेजन वेब सर्विसेज ने अपने बयान में बताया कि संयुक्त अरब अमीरात में उसकी दो सुविधाओं पर सीधा हमला हुआ, जबकि बहरीन में एक डेटा सेंटर के पास हुए ड्रोन हमले के कारण उसके ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची है।
कंपनी के अनुसार इन हमलों के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और कुछ स्थानों पर आग भी लग गई, जिसे बुझाने के लिए आपातकालीन प्रयास करने पड़े। आग बुझाने के दौरान इस्तेमाल किए गए पानी के कारण भी डेटा सेंटर के इन्फ्रास्ट्रक्चर को अतिरिक्त नुकसान हुआ है।
एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बहरीन की राजधानी मनामा में दो होटलों और एक रिहायशी इमारत को भी निशाना बनाया गया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इन हमलों से भौतिक नुकसान हुआ है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
बहरीन में इजराइली दूतावास क्षेत्र पर भी हमला
ईरान के हमलों का दायरा केवल तकनीकी प्रतिष्ठानों तक ही सीमित नहीं रहा। रिपोर्टों के अनुसार बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित फाइनेंशियल हार्बर टावर्स और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को भी निशाना बनाया गया। इसी परिसर में इजराइली दूतावास भी स्थित है।
बहरीन डिफेंस फोर्स ने बयान जारी कर बताया कि ईरान की ओर से दागी गई 78 मिसाइलों और 143 ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तत्परता और सैनिकों की तैयारियों की सराहना की है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों में ही रहें और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें।
कतर के अल उदीद एयर बेस को भी बनाया निशाना
इस सैन्य संघर्ष के दौरान कतर भी हमलों की चपेट में आया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस फोर्स ने राजधानी दोहा में स्थित अल उदीद एयर बेस को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले को विफल कर दिया। यह एयर बेस अमेरिका के लिए क्षेत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना माना जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार दोहा में सुबह करीब चार बजे जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जो ड्रोन को हवा में नष्ट करने के दौरान हुईं। पिछले पांच दिनों में इस सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर दो बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गई थीं। इनमें से एक को एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया, जबकि दूसरी अपने लक्ष्य तक पहुंच गई। हालांकि इससे हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सऊदी अरब और जॉर्डन में भी ड्रोन हमले नाकाम
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और जॉर्डन में भी कई हमलों को विफल किया गया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अल खारज क्षेत्र के पूर्व में एक क्रूज मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा रियाद क्षेत्र के पूर्व में तीन ड्रोन को भी मार गिराया गया।
वहीं जॉर्डन के उत्तरी शहर इरबिद में भी एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान द्वारा खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई दे रहा है। इससे आने वाले दिनों में क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
ईरान के इन हमलों के बाद कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है और लोगों से घरों के अंदर रहने तथा खिड़कियों और खुली जगहों से दूर रहने की सलाह दी है।
इस बीच यूरोपीय संघ ने खाड़ी देशों के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास और अन्य नेताओं ने ब्रसेल्स में खाड़ी सहयोग परिषद के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन हमलों की निंदा की और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलती सैन्य स्थिति ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया है और कई देशों को सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
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