दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान निवेश, कृषि क्षमता और किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तृत संवाद

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय खाद्य एवं पेय कंपनी पेप्सिको के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूजीन विलेमसेन से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में मध्य प्रदेश में कंपनी के वर्तमान निवेश, प्रस्तावित विस्तार योजनाओं और राज्य की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।

राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों पर जोर

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश उद्योग और निवेश के लिए स्पष्ट, स्थिर और निवेशक-अनुकूल नीतियों के साथ आगे बढ़ रहा है। खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण, शीत-श्रृंखला और निर्यात उन्मुख ढांचे के विस्तार के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग को तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि उपलब्धता, अनुमति प्रक्रियाओं में सरलीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से निवेशकों को समयबद्ध सहायता दी जाएगी।

mohan yadav at davos
Photograph: (MPINFO)

कृषि क्षमता और किसानों की आय बढ़ाने पर विमर्श

बैठक के दौरान यूजीन विलेमसेन ने मध्य प्रदेश की सशक्त कृषि क्षमता, विविध फसल पैटर्न और किसान-आधारित आपूर्ति शृंखला की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल, आधुनिक खेती के बढ़ते प्रयोग और किसानों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव, कंपनी के खाद्य कारोबार के विस्तार के लिए अनुकूल आधार प्रदान करते हैं। दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों की आय में ठोस वृद्धि संभव है।

खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात पर फोकस

मुख्यमंत्री ने निर्यात-उन्मुख खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, फलों-सब्जियों के प्रसंस्करण, आलू व अनाज आधारित उत्पादों, तथा स्थानीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, गुणवत्ता मानकीकरण और बाजार तक पहुंच दिलाने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी को प्राथमिकता दे रही है।

साझेदारी से रोजगार और स्थानीय विकास

इस मुलाकात में यह भी रेखांकित किया गया कि प्रस्तावित निवेश से न केवल प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, भंडारण और सहायक सेवाओं में स्थानीय उद्यमों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और उद्योग-आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करेगी।

भविष्य की कार्ययोजना पर सहमति

दोनों पक्षों ने आगामी चरण में तकनीकी दलों के स्तर पर संवाद को आगे बढ़ाने, संभावित परियोजनाओं की पहचान करने और समयबद्ध क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करने पर सहमति व्यक्त की। इस साझेदारी का उद्देश्य मध्य प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-निर्यात के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है, ताकि राज्य के किसान, उद्योग और उपभोक्ता—तीनों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

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