झापा से चुनाव लड़ रहे ओली बोले: एमाले को मिल सकते हैं 70 फीसदी वोट
काठमांडू। नेपाल की राजनीति में आम चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आगामी आम चुनाव में अपनी पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिलने का दावा किया है। झापा जिले के कमल गांवपालिका में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ओली ने कहा कि मतदाताओं का रुझान स्पष्ट रूप से एमाले के पक्ष में है और पार्टी को करीब 70 प्रतिशत मत मिलने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि जनता स्थिरता और मजबूत सरकार चाहती है, जो केवल एमाले ही दे सकती है।
नेपाली कांग्रेस कमजोर, माओवादी मतदाता भी एमाले के साथ: ओली
अपने संबोधन में ओली ने नेपाली कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेपाली कांग्रेस संगठनात्मक रूप से कमजोर हो चुकी है और उसका जनाधार लगातार घट रहा है। ओली का दावा है कि पूर्व माओवादी दलों के मतदाता भी अब एमाले की नीतियों और नेतृत्व से प्रभावित होकर उनके साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव नेपाल की राजनीति की दिशा तय करेगा और एमाले इसमें निर्णायक भूमिका निभाएगी।
बालेन शाह पर तीखा हमला
ओली ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से जुड़े नेता बालेन्द्र शाह पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूमिहीनों की बस्तियों पर बुलडोजर चलाने वाले लोग पुनर्वास की पीड़ा नहीं समझ सकते। ओली का यह बयान हाल के दिनों में बालेन शाह द्वारा काठमांडू में किए गए अतिक्रमण विरोधी अभियानों की ओर इशारा माना जा रहा है। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी और तेज हो गई है।
चुनावी मैदान में चार पूर्व प्रधानमंत्री
नेपाल की राजनीति में यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार चार पूर्व प्रधानमंत्री सीधे चुनाव मैदान में हैं। केपी शर्मा ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड रुकुम पूर्व से उम्मीदवार हैं। वहीं नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के माधव कुमार नेपाल रौतहट-1 से और प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी के बाबूराम भट्टराई गोरखा-2 निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी मैदान में हैं। चार-चार पूर्व प्रधानमंत्रियों का एक साथ चुनाव लड़ना नेपाली राजनीति में एक दुर्लभ स्थिति मानी जा रही है।
चार मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
आम चुनाव को लेकर नेपाल में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली सरकार के चार मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ये मंत्री आगामी पांच मार्च को होने वाले आम चुनाव में हिस्सा लेने के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं। इस्तीफा देने वालों में महाबीर पुन शामिल हैं। इससे पहले जगदीश खरेल, बबलू गुप्ता और कुलमान घीसिंग भी मंत्री पद छोड़ चुके हैं।
नेपाल में बढ़ा सियासी तापमान
आम चुनाव की तारीख नजदीक आते ही नेपाल में सियासी माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख दल जनसभाओं, आरोप-प्रत्यारोप और चुनावी वादों के जरिए मतदाताओं को साधने में जुटे हैं। केपी शर्मा ओली के दो-तिहाई बहुमत के दावे और बालेन शाह पर दिए गए बयान ने चुनावी बहस को और धारदार बना दिया है। आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और रोचक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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