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डॉ देवेंद्र विश्वकर्मा

ग्रामीण विकास के लिए 2.73 लाख करोड़, कृषि विकास के लिए 1.62 लाख करोड़, से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, किसानों की स्थिति में सुधार होने की संभावना है, लेकिन कृषि आधारित उद्योग, ग्रामीण बाजार आदि के लिए विशेष बजट की आवश्यकता थी, जो बजट में संभव नहीं हो पाया,यह बजट गरीब, युवा, महिला एवं किसान पर फोकस किया गया है लेकिन शिक्षा और रोजगार की ओर चिंता करने की आवश्यकता है। कृषि, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आवंटन को बढ़ा दिया गया है। विकास की गति को बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास एक पूर्व शर्त है। इसलिए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर समुचित ध्यान दिया गया है। 

गांवों में बुनियादी सुविधाओं से लेकर किसानों की समस्याओं तक सबका ख्याल 

ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा दिया गया है, एमएसएमई को आर्थिक मजबूती प्रदान की गई है, गांवों में बुनियादी सुविधाओं से लेकर किसानों की समस्याओं सहित कोई भी क्षेत्र केन्द्र सरकार की नजर से अछूता नहीं रहा है। बजट में हरितक्रांति को गतिशील करने के साथ ही किसानों को सुविधा संपन्न बनाने की रणनीति अपनाई गई है। सरकार ने आधारभूत ढांचे से लेकर कृषि विकास से लेकर निवेशकों तक लुभाने की कोशिश की है। निश्चित रूप से यह बजट देश के विकास, गांवों में सड़कें, बिजली, पानी, आवास, स्वच्छता के साथ ही विकास के सबसे महत्वपूर्ण पहलू को बढ़ावा देने के लिए कई अहम प्रस्ताव किए गए है। सरकार की ओर से खेती-किसानी को हमेशा बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। कृषि क्षेत्र सरकार के लिए प्राथमिकता का क्षेत्र पहले भी रहा है और भविष्य में भी बना रहेगा। खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी। ऊर्जा क्षेत्र ,किसानों को सम्मान, सिंचाई योजना ,गरीब लोगों को निशुल्क खाद्यान्न। गौशाला , प्राकृतिक खेती, पशुपालन के लिए बजट में विशेष स्थान दिया गया है। किसानों को जीरो प्रतिशत पर ब्याज सबसे अच्छी बात की जनता पर कोई भी नया टैक्स का बोझ इस बजट में नहीं हैं। उज्जवला योजना, दुग्ध उत्पादन पर बजट में जोड़ दिया गया है, सरकार महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। इसके लिए जहां तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं वहीं इस बार के बजट में भी कई ऐसे प्रावधान किए गए है। जिससे महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में संबंल मिलेगा। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से बजट में महिलाओं को सस्ते ब्याज दर पर ऋण देने की योजना बनाई गई है।  

किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस बार के बजट में कृषि के लिए सस्ते कर्ज का लक्ष्य बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। कृषि को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई के लिए भी पुख्ता व्यवस्था इस बजट में की गई है। किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य मिलें। इस बात की चिंता सरकार ने इस बजट में की है परंतु कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना एवं जिला स्तर पर कृषि निर्यात केन्द्र को मजबूती प्रदान की और आवश्यकता है।

तीव्र और समावेशी विकास हासिल करने की आकांक्षा रखता है। इस बजट में यथार्थपरक और भविष्य मुखी बजट माना जा रहा है। इसमें घरेलू मांग आधारित विकास, निजी निवेश में तीव्र उच्च वृद्धि दर की प्राप्ति, कृषि, ऊर्जा एवं परिवहन क्षेत्र में आपूर्ति संबंधी अवरोधों को दूर करने जैसी समस्याओं से निपटने पर अपना ध्यान केंद्रित किया गया है। 

पर्यटक स्थलों के रूप में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता का श्रेय हाल के वर्षो में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में सुधार और रणनीतिक योजना को दिया जा सकता है। जिससे सरकार को लाभ हो रहा है। साथ ही रोजगार भी मिल रहा है। होटल, ट्रांसपोर्ट, रेस्टोरेंट, ढ़ाबा आदि का तेजी से विकास हुआ है। उक्त क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़े है और सरकार को टैक्स भी मिल रहा है निश्चित रूप से सरकार के द्वारा पर्यटन विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से इसका लाभ रोजगार एवं टैक्स के रूप में आज सरकार को मिल रहा है लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा आदि क्षेत्रों से भी धार्मिक संस्थाओं को भी जोड़ना चाहिए। जिससे इस क्षेत्र में भी कार्य तेजी से हो सकें। इसके लिए कृषि वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय खोजों पर अभी से ध्यान देना होगा। हमें पौधा और बीज की ऐसी किस्मों का विकास करना होगा जिससे उपज बढ़े और उनमें जलवायु परिवर्तन प्रतिरोधक क्षमता भी हों। केन्द्र सरकार को राजकोषीय घाटे को कम करने की योजना बनानी चाहिए क्योंकि बजट का बहुत बड़ा हिस्सा कर्ज के ब्याज के रूप में जा रहा है। इसके बजाय हमें मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के विस्तार और अधिक काम के सृजन के लिए प्रोत्साहन तैयार करने की आवश्यकता है। स्पेशल इकोनामिक जोन, 20000 करोड़ से  ए आई और आईटी सेक्टर मजबूती मिलेगी एवं भारत में डाटा सेंटर की स्थापना हो सके, इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और आईटी की सेक्टर में हम आगे बढ़ेंगे जिसकी आज वैश्विक मांग बढ़ रही है।

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