Advertisment
Friday, January 23, 2026 | 09:32 PM
WEB STORIES E - PAPER WHATSAPP CHANNEL
Swadesh Jyoti iconSwadesh Jyoti icon

0

user
  • Bookmarks
  • Profile
  • Log Out
सदस्यता लें
  • खास ख़बरें
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • उज्जैन
    • गुना
    • ग्वालियर
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
    • स्वास्थ्य
  • संपादकीय
    • लेख
    • अमृत कलश
  • धर्म
    • ज्योतिष
  • बिजनेस
  • राज्य
  • खास ख़बरें
  • देश
  • मध्यप्रदेश
    • भोपाल
    • इंदौर
    • उज्जैन
    • गुना
    • ग्वालियर
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
    • स्वास्थ्य
  • संपादकीय
    • लेख
    • अमृत कलश
  • धर्म
    • ज्योतिष
  • बिजनेस
  • राज्य
  • Authors

Powered by :

बिजनेस

डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 92 के करीब पहुंचा

दुनिया भर में बढ़ती वैश्विक अस्थिरता और तनाव के चलते दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है जिसके चलते निवेश सुरक्षित निवेश सोने और चांदी के तरफ रुख कर रहे हैं। शुक्रवार को रुपया 1 डॉलर के मुकाबले गिरकर 91.99 के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।

Sanjay Bairagi profile image
bySanjay Bairagi
bySanjay Bairagi
23 Jan 2026 20:28 IST
 डॉलर के मुकाबले गिरकर 91.99 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
डॉलर के मुकाबले गिरकर 91.99 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

 

आखिर क्यों गिर रहा है रुपया 

विदेशी निवेशकों के लगातार बिकवाली के बाद यह स्थिति बनी हुई है विशेषज्ञों की मानें तो दुनिया भर में बढ़ती वैश्विक अस्थिरता और तनाव के चलते दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है जिसके चलते निवेश सुरक्षित निवेश सोने और चांदी के तरफ रुख कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार शुक्रवार को रुपया 1 डॉलर के मुकाबले गिरकर 91.99 के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। यह अब तक के इतिहास में रूपेए इस स्तर तक कभी नहीं गिरा।

पिछले साल दिसंबर में रुपया पहली बार गिरकर 90 के स्तर पर आया था

 साल 2026 की शुरुआत 20 दिनों में ही करीब 2 रुपए की गिरावट भारत के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। 0 अगर इतनी तेजी से गिरावट के कारण को समझे तो तीन प्रमुख कारण निकल कर आते है 

विदेशी निवेशकों भारतीय बाजर के प्रति उदासीनता : 

विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। जनवरी 2026 के पहले 22 दिनों में ही निवेशक  36,500 करोड़ की बिकवाली कर चुकें हैं। जब विदेशी निवेशक अपना पैसा वापस ले जाते हैं, तो वे रुपए के बदले डॉलर की मांग करते हैं जिससे डॉलर की मांग और बढ़ने लगती है और रुपए मे गिरावट दिखाई पड़ती है

ट्रम्प की टैरिफ नीतियां :

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का यूरोपीय देशों से बढ़ते तनाव और 'ग्रीनलैंड' विवाद की वजह से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है।  भारत पर पहले से 25 प्रतिशत टैरिफ और रुस से तेल खरीदने को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा हुआ है जिसने डॉलर की मांग में इजाफा हुआ। युध्द या अशांति के समय में निवेशक अपना पैसा भारत जैसे विकासशील देशों से निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर या सोने में लगाने लगते हैं, जिससे डॉलर और भी मजबूत होता है।

 

trum tarrif
ट्रंप का टैरिफ

मजबूत अमेरिकी इकोनॉमी और ऊंची ब्याज दरें:

 अमेरिका में बेरोजगारी की दर कम हुई है और वहां की अर्थव्यवस्था मजबूत दिख रही है। इस वजह से दुनिया भर के निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिका में ब्याज दरें अभी ऊंची बनी रहेंगी। ज्यादा मुनाफे के लालच में निवेशक अपना पैसा अमेरिकी बैंकों और बॉन्ड्स में डाल रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में डॉलर की मजबूती बढ़ गई है।

जापान में संसद भंग, पीएम सनाए ताकाइची ने 8 फरवरी को मध्यावधि चुनाव का किया ऐलान

बर्फबारी के चलते माता वैष्णो देवी की यात्रा स्थगित

‘पराक्रम दिवस’ अब राष्ट्र की चेतना का हिस्सा: प्रधानमंत्री मोदी

डोनाल्ड ट्रंप के हाथों पर बार-बार क्यों दिख रहे हैं नीले निशान, जानिए असली कारण

Business Rupee vs Dollar Donald Trump Tariff Dollar Rupee Rate
Sanjay Bairagi profile image
bySanjay Bairagi
bySanjay Bairagi
23 Jan 2026 20:28 IST
Read the Next Article
सदस्यता लें
Powered by


Subscribe to our Newsletter!




Powered by