israel iran war: होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजारों में खलबली मच गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए कितना आवश्यक है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से होकर निकलता है और भारत की अ‍वश्यकता का 50 प्रतिशत तेल यहीं से आता है। 

यह जलडमरूमध्य केवल 33 किलोमीटर चौड़ा है, फिर भी यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा वहन करता है।

भारत की तलाशना होगा विकल्प

भारत के लिए स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील है। देश अपनी लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरतों का आयात करता है, और अकेले वित्त वर्ष 2025 में तेल आयात का मूल्य लगभग 160 अरब डॉलर था। कच्चे तेल की कीमतों में किसी भी प्रकार की निरंतर वृद्धि से ईंधन की लागत बढ़ सकती है, मुद्रास्फीति में वृद्धि हो सकती है और अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

ईरानी अधिकारियों ने दी धमकी जलमार्ग का प्रयोग करने पर होगी कार्रवाई 

सोमवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक कमांडर ने कहा कि संकरे जलमार्ग को बंद कर दिया गया है, सरकारी मीडिया द्वारा जारी एक कड़ी चेतावनी में उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग को पार करने का प्रयास करने वाले किसी भी जहाज को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और नौसेना की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। 

ईरान ने यह कदम अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद उठाया गया है, जिनका उद्देश्य कथित तौर पर ईरान के नेतृत्व और सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।

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होर्मुज स्ट्रेट यहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है

यह जलडमरूमध्य सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यहाँ किसी भी प्रकार की बाधा का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर तत्काल प्रभाव पड़ता है।

वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उछाल 

इससे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल की कीमतों में तेजी आई है और कच्चा तेल लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अगर हालात बिगड़े, तो कीमत 100 डॉलर तक जा सकती है।

US यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, यहां से निकलने वाला ज्यादातर तेल एशिया के देशों जैसे चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जाता है। इसके अलावा जेट ईंधन और LNG की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

अमेरिका बोला- शिपिंग मार्ग, होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ है

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि ईरानी अधिकारियों के बयानों के बावजूद, विश्व की तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग, strait of hurmoz बंद नहीं है।

सेंटकॉम ने रॉयटर्स के टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल यहीं से गुजरता है।

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IRGC के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी पर कहा कि अगर कोई जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे रोका जाएगा और निशाना बनाया जा सकता है। भारत का करीब 50% तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आता है।

इससे पहले ईरान सऊदी की तेल रिफायनरी पर भी कर चुका है हमला 

ईरान ने सोमवास को दुनिया के सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको की रिफायनरी पर भी हमाला किया था जिसके बाद रिफायनरी का संचालन बंद कर दिया गया है। इस हमले के बाद कई देशों में तेल की अपूर्ती बाधित हो गई । 

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