नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्दिमत्ता पर दुनिया के सबसे बड़े आयोजन इंडिया-एआई इंपैक्ट समिट 2026 की शुरुआत राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम मे हो चुकी है। इस पांच दिवसीय वैश्विक आयोजन में 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 45 देशों के प्रतिनिधि मंडल मौजूद रहेंगे।
दिल्ली में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 शुरु
आज से भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट होगा। समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में विभिन्न इनोवेटर्स से मुलाकात की, उनकी एआई मॉडल को समझा, भारत के युवा एआई इनोवेटर्स का मोदी ने सराहना की-
प्रधानमंत्री @narendramodi ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Expo का उद्घाटन किया। #ResponsibleAI#IndiaAISummit2026#IndiaAISummit#IndiaAIImpactSummit2026@GoI_MeitY@_DigitalIndia@OfficialINDIAaipic.twitter.com/KjYQOc8kRZ
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) February 16, 2026
प्रधानमंत्री मोदी भारत मंडपम में शिखर सम्मेलन का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक कंपनियों और राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को रेखांकित किया।
आज क्या-क्या होगा
समिट के पहले दिन की शुरुआत एक्सपर्ट्स और पॉलिसी मेकर्स के बीच 'राउंडटेबल' चर्चाओं से होगी। शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'इंडिया एआई एक्सपो' का उद्घाटन किया। यहां 300 से ज्यादा भारतीय और विदेशी स्टार्टअप्स अपने ऐसे गैजेट्स दिखाएंगे जो एआई की मदद से चलते हैं।
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प्रधानमंत्री ने कहा -कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चा के लिए विश्व को एक साथ लाना!
प्रधानमंत्री मोदी बोले “आज से, भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी कर रहा है। मैं इस समिट में विश्व के नेताओं, उद्योगपतियों, नवप्रवर्तकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। समिट का विषय है 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय', जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
जल्द शुरू होगा क्रिएट इन इंडिया मिशन- अश्विनी वैष्णव
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार जल्द 'क्रिएट इन इंडिया' मिशन शुरू करेगी। यह उद्योग, रोजगार और भविष्य केंद्रित पहल होगी। इसका मकसद भारत को वैश्विक स्तर पर पसंदीदा प्लेटफॉर्म बनाना और भविष्य के लिए तैयार टैलेंट पाइपलाइन तैयार करना है।
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गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत टेक दिग्गजों की भागीदारी
समिट में वैश्विक टेक उद्योग की बड़ी हस्तियों की भी मौजूदगी रहेगी। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हासाबिस, एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन सहित कई प्रमुख टेक लीडर्स इसमें शामिल होंगे।
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा समेत कई प्रमुख वैश्विक नेता इस समिट में हिस्सा लेंगे।
पाकिस्तान को नहीं दिया गया निमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी नीत सरकार के कार्यकाल में पाकिस्तान के प्रति भारत सख्त नीतियां अपना रहा है, एआई इंपैक्ट समिट में पाक को न्योता न भेजना इसकी एक और बानगी है। पाकिस्तान को आमंत्रण न दिए जाने को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
1.50 लाख लोगों ने पंजीयन कराया
इस समिट के लिए अब तक लगभग तीन लाख प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। सम्मेलन का मकसद केवल तकनीकी विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई को हेल्थकेयर, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लागू कर आम लोगों के जीवन में वास्तविक और व्यापक सुधार लाना भी है।
प्रधानमंत्री की समिट को लेकर खास बातें
Ai summit: प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिखर सम्मेलन में होने वाली चर्चाएँ एआई के नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेंगी, जिससे एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य का निर्माण होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक एआई परिवर्तन में भारत के नेतृत्व को रेखांकित किया, जो इसकी 1.4 अरब जनसंख्या, मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और अत्याधुनिक अनुसंधान द्वारा संचालित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई में भारत की प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है, जिससे देश तकनीकी उन्नति में अग्रणी स्थान पर है।
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