एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कंस्ट्रक्शन साइट से दबोचे गए शूटर, पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद
झज्जर, 16 फरवरी (हि.स.)। मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर पर रंगदारी के इरादे से हुई फायरिंग के मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्पेशल टास्क फोर्स बहादुरगढ़ की टीम ने मुंबई पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए लॉरेंस गिरोह से जुड़े चार आरोपितों को हरियाणा के झज्जर जिले से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों में उत्तर प्रदेश के तीन कथित शूटर शामिल हैं, जबकि चौथा उनका सहयोगी बताया जा रहा है, जिसने उन्हें छिपने में मदद की।
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एसटीएफ बहादुरगढ़ के प्रभारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले शूटर झज्जर जिले में कहीं पनाह लिए हुए हैं। इसके बाद एसटीएफ और मुंबई पुलिस की टीम ने मिलकर माछरौली थाना क्षेत्र के गांव अमादलपुर में स्थित एक निर्माण स्थल पर दबिश दी। यहां से चारों आरोपितों को काबू कर लिया गया। मौके से एक पिस्तौल और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है, जिन्हें घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया गया है कि 31 जनवरी की रात मुंबई के जुहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी के मकान पर फायरिंग की गई थी। शुरुआती जांच में यह मामला रंगदारी से जुड़ा सामने आया था और इसमें लॉरेंस गिरोह का नाम उभरकर आया। घटना के बाद से मुंबई पुलिस शूटरों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। इसी कड़ी में झज्जर से मिली सूचना ने जांच को निर्णायक मोड़ दे दिया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रितिक, दीपक, सन्नी और सोनू के रूप में हुई है। रितिक, सन्नी और सोनू उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के गांव बहाबीजोली के रहने वाले हैं और आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं। वहीं दीपक सादरपुर गांव का निवासी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन सभी के खिलाफ मुंबई में प्रकरण दर्ज हैं। फिलहाल इनके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक रितिक अमादलपुर की उसी निर्माण साइट पर काम करता था, जहां से सभी को पकड़ा गया। उसी ने अपने साथियों को वहां छिपाया हुआ था ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। यह भी संभावना जताई जा रही है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपित आगे किसी और वारदात की योजना बना रहे हों, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।
संयुक्त टीम ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद सभी आरोपितों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मुंबई पुलिस की एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया है। वहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान फायरिंग की साजिश, मददगारों के नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के खिलाफ रंगदारी की घटनाएं पिछले कुछ समय से चिंता का विषय रही हैं। ऐसे में इस गिरफ्तारी को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है और जल्द ही इस मामले में और लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें निर्देश कहां से मिले, हथियार किसने उपलब्ध कराए और घटना के पीछे की पूरी साजिश क्या थी।
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