रेल मंत्रालय ने एनएचएसआरसीएल को भेजा पत्र, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन अद्यतन कर तुरंत काम शुरू करने को कहा

नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। रेल मंत्रालय ने बजट 2026 में घोषित सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के क्रियान्वयन को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी है। मंत्रालय की ओर से नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि परियोजनाओं पर तत्काल काम शुरू किया जा सके। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने औपचारिक पत्र भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई में देरी न करने को कहा है। सरकार इन मार्गों को देश में तेज रफ्तार रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में निर्णायक कदम मान रही है।

किन-किन मार्गों पर बनेंगे कॉरिडोर

रेलवे बोर्ड के अनुसार जिन सात कॉरिडोर की घोषणा की गई है, उनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन मार्गों को देश के प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक शहरों को आपस में तेज गति से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लंबी दूरी की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

डीपीआर को अद्यतन करने के निर्देश

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पहले तैयार किए गए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन को मौजूदा लागत और संभावित पूर्णता लागत के आधार पर संशोधित किया जाए। इसके जरिए आर्थिक आंतरिक प्रतिफल दर और वित्तीय आंतरिक प्रतिफल दर का सटीक आकलन किया जा सकेगा। परियोजनाओं की व्यवहार्यता, निवेश की आवश्यकता और भविष्य के लाभ का निर्धारण इन्हीं मानकों के आधार पर किया जाएगा।

वाराणसी-सिलीगुड़ी को प्राथमिकता

बोर्ड ने वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए प्रतिवेदन तैयार करने का काम प्राथमिकता से शुरू करने को कहा है। इस मार्ग को पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के बीच संपर्क मजबूत होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस परियोजना में किसी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो।

लंबित प्रतिवेदन अब एनएचएसआरसीएल के पास

हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-चेन्नई कॉरिडोर के प्रतिवेदन पहले दक्षिण मध्य रेलवे के पास थे, लेकिन अब उन्हें नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंप दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य जिम्मेदारी एक ही एजेंसी के पास केंद्रित करना है, ताकि निर्णय लेने और क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।

एक समान मानक और कोर टीम पर जोर

रेलवे बोर्ड ने देशभर में बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए एक समान तकनीकी और प्रशासनिक मानक अपनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक कोर टीम गठित की जाएगी जो हर कॉरिडोर के लिए जमीनी स्तर पर विस्तृत योजना तैयार करेगी। इससे निर्माण, सुरक्षा और संचालन से जुड़े पहलुओं में एकरूपता लाई जा सकेगी।

पूर्व-निर्माण गतिविधियां भी होंगी शुरू

निर्देशों में कहा गया है कि प्रतिवेदन अद्यतन करने के साथ-साथ पूर्व-निर्माण गतिविधियां, निविदा प्रक्रिया और अनुबंध दस्तावेज तैयार करने का काम भी साथ-साथ आगे बढ़ाया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि जैसे ही अंतिम स्वीकृति मिले, निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।

मानव संसाधन की तैयारी

तकनीकी जनशक्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन योजना बनाने को भी कहा गया है। परियोजना-वार कर्मचारियों का आकलन कर विशेषज्ञों, अभियंताओं और अन्य स्टाफ की जरूरत तय की जाएगी। रेलवे बोर्ड चाहता है कि काम की गति मानव संसाधन की कमी से प्रभावित न हो।

साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य

रेलवे बोर्ड ने एनएचएसआरसीएल से इन सभी परियोजनाओं पर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने को कहा है। इससे उच्च स्तर पर लगातार निगरानी बनी रहेगी और किसी भी बाधा को समय रहते दूर किया जा सकेगा। सरकार इसे देश में आधुनिक और तीव्र गति वाले रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है।

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