मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी, बड़ा हादसा टला, प्रशासन की सतर्कता पर उठे सवाल
लखनऊ, 14 जनवरी (हि.स.)। प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के मेला क्षेत्र में बुधवार को एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई। आग की लपटें उठते ही मेला परिसर में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेला क्षेत्र के एक हिस्से में अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग ने कई टेंटों को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि माघ मेले में बड़ी संख्या में साधु-संत, कल्पवासी और श्रद्धालु मौजूद रहते हैं, इसलिए आग की खबर फैलते ही लोगों में भय का माहौल बन गया। कई लोग अपने सामान को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
प्रशासन और मेला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के इलाके को खाली कराया और आग फैलने से रोकने के लिए तत्काल बैरिकेडिंग की गई। दमकल कर्मियों ने पानी के साथ-साथ फोम का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ सकी। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय पर दमकल गाड़ियां न पहुंचतीं, तो आग बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी।
हालांकि अभी आग लगने के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या खुले अलाव को संभावित वजह माना जा रहा है। मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में अस्थायी टेंट लगे होते हैं, जिनमें बिजली के तार, हीटर और गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब माघ मेले में आग लगी हो। इससे पहले भी इसी आयोजन के दौरान आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हर बार प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बार-बार आग लगने की घटनाएं इन दावों पर सवाल खड़े करती हैं।
घटना के बाद जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि आग से कुछ टेंट और उनमें रखा सामान जलकर खाक हो गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जिन लोगों को क्षति हुई है, उन्हें नियमानुसार सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और कल्पवासियों से अपील की है कि वे अपने टेंटों में बिजली के उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें, खुले आग के स्रोतों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें। इसके साथ ही अग्निशमन दल को मेला क्षेत्र में और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा इंतजामों की निरंतर समीक्षा और सख्त निगरानी बेहद आवश्यक है। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी वाले माघ मेले में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और मेला सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
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