तीन तलाक कानून के खिलाफ आवाज़ उठाने वाला परिवार आज उसी कानून के तहत पहुँचा थाने

लखनऊ। समय का पहिया कब और कैसे करवट बदल ले, इसका ताज़ा उदाहरण शायर मुनव्वर राना का परिवार बन गया है। जिस तीन तलाक विरोधी कानून को कभी इस्लाम में हस्तक्षेप बताकर सड़कों से संसद तक विरोध किया गया था, आज वही कानून उनकी ही बेटी के लिए न्याय की आखिरी उम्मीद बन गया है। मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना ने अपने शौहर और ससुराल पक्ष के खिलाफ तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है।

विरोध से पीड़िता बनने तक का सफर

जब केंद्र सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून लेकर आई थी, तब शायर मुनव्वर राना और उनका परिवार इस कानून के मुखर विरोध में सामने आया था। इसे धार्मिक मामलों में दखल बताया गया था। लेकिन हालात ऐसे बदले कि आज उसी कानून के तहत उनकी सबसे छोटी बेटी हिबा राना न्याय की मांग कर रही हैं। विडंबना यह है कि जिस कानून को कभी सिरे से नकार दिया गया था, वही आज एक पीड़ित महिला के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रहा है।

दहेज की मांग और ससुराल का दबाव

हिबा राना के अनुसार उनका निकाह 19 दिसंबर 2013 को हुआ था। निकाह के समय मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर लगभग 10 लाख रुपए नकद और सोने-हीरे के आभूषण दिए थे। इसके बावजूद ससुराल वालों की मांगें खत्म नहीं हुईं। कुछ समय बाद ही शौहर सैयद मोहम्मद साकिब और ससुर ने 20 लाख रुपए नकद और एक अलग फ्लैट की मांग शुरू कर दी। हिबा का कहना है कि इन मांगों को पूरा न करने पर उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

मारपीट और तीन तलाक का आरोप

हिबा ने अपनी शिकायत में बताया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनके साथ गाली-गलौज और बेरहमी से मारपीट की जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 अप्रैल 2025 को विवाद चरम पर पहुंच गया। शौहर ने न सिर्फ मारपीट की बल्कि गुस्से में तीन बार ‘तलाक’ बोल दिया और उन्हें धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि इस दौरान उनके दोनों मासूम बच्चों को कमरे में बंद कर दिया गया, जिससे हिबा की हालत और भी भयावह हो गई।

मायके पहुंचकर मांगी मदद

घर से निकाले जाने के बाद हिबा किसी तरह अपनी जान बचाकर मायके पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने लखनऊ के सआदतगंज थाने में जाकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। हिबा का कहना है कि वह अब सिर्फ अपने बच्चों की सुरक्षा और न्याय चाहती हैं, ताकि उनके साथ हुआ अन्याय सामने आ सके।

कानून के तहत दर्ज हुआ मामला

सआदतगंज पुलिस ने हिबा राना की शिकायत के आधार पर शौहर और ससुर के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि कानून का विरोध और उसका वास्तविक असर समय के साथ किस तरह बदल सकता है। जिस कानून को कभी सैद्धांतिक तौर पर खारिज किया गया था, वही आज एक पीड़ित महिला के लिए न्याय की राह बन गया है।

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