सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने पर राकांपा में मंथन तेज

मुंबई, 30 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद उत्पन्न राजनीतिक शून्य को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा एपी) ने शनिवार को अपने सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की अहम बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में विधिमंडल दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा, जिसके बाद राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर औपचारिक फैसला लिया जाएगा।

विधायकों की बैठक से तय होगी आगे की दिशा

राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने शुक्रवार को मुंबई में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि शनिवार को बुलाई गई बैठक बेहद निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्य इस बैठक में शामिल होंगे और विधिमंडल दल के नेता का चयन सर्वसम्मति से किया जाएगा। भुजबल के अनुसार, यही नेता आगे चलकर उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल सकता है।

सुनेत्रा पवार के नाम पर बढ़ी सहमति

छगन भुजबल ने संकेत दिए कि पार्टी के भीतर और समर्थकों के बीच यह मांग जोर पकड़ रही है कि सुनेत्रा पवार को राकांपा विधिमंडल दल का नेता बनाया जाए। उनका कहना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी हो जाती हैं, तो शनिवार को ही उपमुख्यमंत्री पद की शपथविधि भी संपन्न हो सकती है। पार्टी का मानना है कि सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी सौंपने से संगठनात्मक संतुलन बना रहेगा और सरकार की स्थिरता भी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई कवायद

भुजबल ने यह भी जानकारी दी कि अजीत पवार के निधन के बाद पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इस दौरान बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों, सरकार की निरंतरता और प्रशासनिक स्थिरता पर चर्चा हुई। इसके बाद ही पार्टी ने नेतृत्व चयन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने का फैसला किया और विधायकों की बैठक बुलाने का संदेश जारी किया गया।

संगठन और सरकार दोनों पर नजर

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शनिवार की बैठक में केवल नेता चयन ही नहीं, बल्कि आगे की राजनीतिक रणनीति और सरकार में राकांपा एपी की भूमिका पर भी विचार किया जाएगा। अजीत पवार के नेतृत्व में बनी राजनीतिक पकड़ को बनाए रखना और कार्यकर्ताओं में भरोसा कायम रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष का संयमित बयान

बैठक के दौरान राकांपा एपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे भी मौजूद थे। उन्होंने मीडिया से कहा कि फिलहाल किसी नाम पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, लेकिन पार्टी को काम करना है और निर्णय लेना जरूरी है। इसी उद्देश्य से विधायकों की बैठक बुलाई गई है, ताकि सामूहिक राय के आधार पर आगे का रास्ता तय किया जा सके।

महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ेगा असर

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शनिवार की बैठक और उसमें लिया गया फैसला महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद अहम होगा। उपमुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है। साथ ही यह निर्णय यह भी तय करेगा कि राकांपा एपी आने वाले समय में सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर किस तरह अपनी भूमिका निभाती है।

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