गंगासागर में मेले से पहले भीषण आग, तीर्थयात्रियों के कैंप जलकर राख
पश्चिम बंगाल के गंगासागर में कपिल मुनि मंदिर के पास तीर्थयात्रियों के लिए बनाए गए अस्थायी कैंपों में शुक्रवार, 9 जनवरी की सुबह भीषण आग लग गई। यह आग सुबह करीब 5 बजे लगी और देखते ही देखते कई टेंट और छावनियां जलकर राख हो गईं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि, सुबह टहलने निकले थे उसी दौरान उन्होंने सबसे पहले एक कैंप से आग की लपटें उठती देखीं। आग तेजी से आसपास के कैंपों में फैल गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कई कोशिशे की, लेकिन आग बहुत तेजी से फैलती चली गई।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
दमकल विभाग की कई गाड़ियां आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल या मारे जाने की कोई खबर नहीं है।
आग लगने की वजह क्या रही?
दमकल विभाग का शुरुआती अनुमान है कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या ठंड से बचने के लिए जलाए गए अलाव हो सकती है।
हालांकि, अभी मामले की जांच जारी है ताकि आग लगने की सही वजह पता चल सके।
प्रशासन भी मौके पर पहुंचा
आग लगने की खबर मिलते ही सागर के ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारी कन्हैया कुमार राव और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की।
सागर मेले से पहले हादसा
गंगासागर में सागर मेला लगने वाला है कुछ ही दिनों में मकर संक्रांति के मौके पर । और यह आग ऐसे समय लगी है । हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां गंगा स्नान और कपिल मुनि मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।
गंगासागर मेला भारत के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक माना जाता है। इसलिए प्रशासन यात्रियों की सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर अस्थायी कैंप, टेंट और सुविधाएं तैयार करता है।
पहले भी हो चुकी है आग की घटना
गंगासागर या कुंभ जैसे बड़े धार्मिक मेलों में आग लगी हो ऐसा पहली बार नहीं है । पिछले साल भी कुंभ मेले के दौरान आग लगने की घटना सामने आई थी। ऐसे हादसों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
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