नई दिल्ली में होने वाले भारत एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 में वैश्विक सहयोग को मिलेगी नई दिशा

पेरिस (फ्रांस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले महीने भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने वाले हैं। यह दौरा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है, जब भारत वैश्विक स्तर पर भारत एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। राष्ट्रपति मैक्रों ने इस यात्रा की पुष्टि गुरुवार को पेरिस में राजनयिक कोर को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में भारत और फ्रांस की साझेदारी निर्णायक भूमिका निभा रही है।

एआई पर वैश्विक सहयोग को बताया बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि

राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने संबोधन में कहा कि बीते वर्ष फ्रांसीसी कूटनीति की सबसे बड़ी उपलब्धियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक सहयोग शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि पेरिस में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के देशों ने भाग लिया और इस पहल को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मिलकर आगे बढ़ाया गया। मैक्रों के अनुसार, एआई समिट के जरिए ठोस और सकारात्मक प्रगति हुई है और अब इसी सहयोग को भारत में और मजबूत किया जाएगा।

नई दिल्ली में 19 और 20 फरवरी को होगा एआई समिट

भारत एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 का एलान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस एआई एक्शन समिट के दौरान किया था। यह सम्मेलन 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित होगा। खास बात यह है कि यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला वैश्विक एआई सम्मेलन होगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में विकसित और विकासशील देशों के नीति निर्माता, विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

भारत-फ्रांस साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष ज्यां-नोएल बैरो के साथ बैठक के दौरान भी राष्ट्रपति मैक्रों के भारत आगमन के संकेत दिए थे। जयशंकर ने कहा कि भारत और फ्रांस न केवल द्विपक्षीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी एक-दूसरे के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर साझा दृष्टिकोण

जयशंकर के अनुसार, भारत और फ्रांस बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के समर्थक हैं और ब्रिक्स, जी-7 और जी-20 जैसे मंचों पर उनकी साझेदारी वैश्विक राजनीति में संतुलन और स्थिरता लाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा से दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई गति मिलेगी।

दौरे की तैयारियों में जुटी भारत सरकार

विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार राष्ट्रपति मैक्रों के दौरे की तैयारियों में जुटी हुई है। इस यात्रा के दौरान एआई, रक्षा, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक शासन जैसे मुद्दों पर सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि एआई समिट के बहाने भारत और फ्रांस तकनीकी और कूटनीतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाएंगे।