एमसीएक्स पर 5.82 प्रतिशत की बढ़त, निवेशकों की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक पर
नई दिल्ली, 23 फरवरी। सर्राफा बाजार में हाजिर चांदी के दामों में मामूली नरमी दिखाई देने के बावजूद वायदा कारोबार में चांदी ने आज जबरदस्त छलांग लगाई। Multi Commodity Exchange of India पर सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे चांदी 5.82 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,67,673 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती नजर आई। यह तेजी ऐसे समय में दर्ज की गई है जब वैश्विक बाजारों में भी चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखा जा रहा है।
आईबीजेए ने तय किया नया मानक मूल्य
घरेलू स्तर पर Indian Bullion Jewellers Association ने आज .999 शुद्धता वाली चांदी का मानक मूल्य 2,50,314 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। यह मूल्य पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिवस की तुलना में 2.26 प्रतिशत अधिक है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि खुदरा और थोक दोनों स्तरों पर चांदी की मांग में स्थिरता बनी हुई है।
हालांकि हाजिर बाजार में मामूली गिरावट का रुख देखा गया, लेकिन वायदा कारोबार में आई तेजी यह दर्शाती है कि निवेशक भविष्य में कीमतों के और ऊपर जाने की संभावना देख रहे हैं। वायदा बाजार अक्सर आगामी आर्थिक संकेतों और वैश्विक घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर प्रतिक्रिया देता है, जिससे मूल्य में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिलता है।
कॉमेक्स पर भी चमकी चांदी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों ने मजबूती का रुख अपनाया। COMEX पर स्पॉट चांदी का भाव 86.90 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर दर्ज किया गया, जो लगभग 5.65 प्रतिशत की तेजी को दर्शाता है। यह बढ़त वैश्विक निवेशकों की सक्रियता और आर्थिक आंकड़ों के प्रभाव को प्रतिबिंबित करती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी को केवल आभूषण या निवेश धातु के रूप में ही नहीं देखा जाता, बल्कि औद्योगिक उपयोग के कारण भी इसकी मांग बनी रहती है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और चिकित्सा क्षेत्र में चांदी की उपयोगिता इसे एक महत्वपूर्ण धातु बनाती है। ऐसे में वैश्विक आर्थिक संकेतों का सीधा असर इसकी कीमत पर पड़ता है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में मजबूत गैर कृषि रोजगार आंकड़े और स्थिर आर्थिक वृद्धि के कारण Federal Reserve द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद घटने से अमेरिकी मुद्रा में मजबूती आई है।
अमेरिकी मुद्रा के सशक्त होने से आम तौर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में अस्थिरता बढ़ जाती है। सोना, चांदी, प्लेटिनम और तांबा जैसी धातुएं वैश्विक निवेश प्रवाह से प्रभावित होती हैं। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकते हैं, जिससे धातु बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिलता है।
निवेशकों की नजर बैठक की कार्यवाही पर
वर्तमान समय में सक्रिय निवेशकों की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक की कार्यवाही विवरण पर टिकी हुई हैं। इन विवरणों से यह संकेत मिल सकता है कि ब्याज दरों की दिशा क्या रहने वाली है। यदि दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं तो धातु बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है, वहीं दरों को स्थिर या ऊंचा बनाए रखने के संकेत से कीमतों में दबाव भी आ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में हालिया तेजी केवल तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की धारणा का परिणाम है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक नीतियां चांदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस प्रकार, घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में चांदी ने आज मजबूती का परिचय दिया है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और सूझबूझ के साथ निर्णय लेने का है, क्योंकि ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक संकेतों में हल्का सा परिवर्तन भी कीमतों को नई दिशा दे सकता है।
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