सांख्यिकी के क्षेत्र में नवाचार और आजीवन योगदान को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
नई दिल्ली, 16 जनवरी (हि.स.): सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सांख्यिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ‘सुखात्मे राष्ट्रीय पुरस्कार–2026’ के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पुरस्कार का उद्देश्य देश में सांख्यिकी के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना, उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहित करना और उन विशेषज्ञों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना है, जिन्होंने आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
29 जून 2026 को सांख्यिकी दिवस पर होगा सम्मान
मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह प्रतिष्ठित पुरस्कार आगामी 29 जून 2026 को ‘सांख्यिकी दिवस’ के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर चयनित पुरस्कार विजेता को विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए भी आमंत्रित किया जाएगा, जहां वे अपने शोध कार्य, उसके सामाजिक एवं नीतिगत महत्व तथा अब तक की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। यह सत्र युवा शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है।
📢𝐍𝐨𝐦𝐢𝐧𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐬 𝐢𝐧𝐯𝐢𝐭𝐞𝐝 𝐟𝐨𝐫 𝐒𝐮𝐤𝐡𝐚𝐭𝐦𝐞 𝐍𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐀𝐰𝐚𝐫𝐝 𝐢𝐧 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐢𝐬𝐭𝐢𝐜𝐬 – 𝟐𝟎𝟐𝟔
— All India Radio News (@airnewsalerts) January 16, 2026
🔸The Ministry of Statistics and Programme Implementation has called for nominations for the Sukhatme National Award in Statistics 2026.
🔸The award… pic.twitter.com/0Zrx8yzNEd
31 जनवरी 2026 तक किए जा सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
पुरस्कार के लिए पात्र उम्मीदवार स्वयं अपना नामांकन कर सकते हैं अथवा विभिन्न शैक्षणिक, शोध और सरकारी संस्थान भी योग्य व्यक्तियों के नाम प्रस्तावित कर सकते हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। किसी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन मान्य नहीं होंगे।
45 वर्ष से अधिक आयु के सांख्यिकीविद होंगे पात्र
इस पुरस्कार के लिए 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय सांख्यिकीविद आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवार के शोध की गुणवत्ता, सांख्यिकी के क्षेत्र में नवाचार, आधिकारिक सांख्यिकीय प्रणाली को मजबूत करने में योगदान और दीर्घकालिक प्रभाव को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, यह पुरस्कार केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक और नीतिगत स्तर पर सांख्यिकी के उपयोग को सुदृढ़ करने वाले योगदान को भी विशेष महत्व दिया जाता है।
विजेताओं को मिलेगा विशेष सम्मान
चयनित विजेता को सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, शॉल और स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान को रेखांकित किया जाएगा, जिससे सांख्यिकी के क्षेत्र में कार्य कर रहे अन्य शोधकर्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
वर्ष 2000 से दी जा रही है द्विवार्षिक सम्मान परंपरा
उल्लेखनीय है कि ‘सुखात्मे राष्ट्रीय पुरस्कार’ की शुरुआत वर्ष 2000 में की गई थी। यह पुरस्कार हर दूसरे वर्ष यानी द्विवार्षिक रूप से प्रदान किया जाता है। अब तक यह सम्मान उन प्रख्यात भारतीय सांख्यिकीविदों को दिया जा चुका है, जिन्होंने अपने असाधारण शोध, नीतिगत योगदान और आजीवन समर्पण के माध्यम से देश की आधिकारिक सांख्यिकी प्रणाली को नई दिशा दी है। मंत्रालय का मानना है कि यह पुरस्कार न केवल उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करता है, बल्कि भारत में सांख्यिकी के भविष्य को भी सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है।
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