20 जनवरी को मिल सकता है भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुक्रवार को पार्टी की ओर से अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई। इस अधिसूचना के साथ ही पार्टी संगठन के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 20 जनवरी को भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, जिससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में एक नई दिशा तय होने की संभावना है।

चुनाव कार्यक्रम की रूपरेखा तय

जारी अधिसूचना के अनुसार 16 जनवरी को अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल के मतदाताओं की सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आते हैं, तो 20 जनवरी को मतदान की प्रक्रिया पूरी कर चुनाव कराया जाएगा। हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार चुनाव की नौबत आने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

BJP PRESIDENT ELECTION

नितिन नबीन के निर्विरोध अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना

पार्टी के भीतर इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ही अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार हो सकते हैं। यदि वे अकेले नामांकन दाखिल करते हैं, तो 19 जनवरी को ही उनका निर्विरोध चयन तय माना जाएगा। औपचारिक घोषणा भले ही 20 जनवरी को की जाए, लेकिन पार्टी नेतृत्व का फैसला एक दिन पहले ही स्पष्ट हो सकता है।

शीर्ष नेतृत्व बन सकता है प्रस्तावक

सूत्रों के मुताबिक नितिन नबीन के नामांकन के प्रस्तावक के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे वरिष्ठ नेता सामने आ सकते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि नितिन नबीन को शीर्ष नेतृत्व का पूरा समर्थन प्राप्त है और पार्टी उन्हें भविष्य के संगठनात्मक नेतृत्व के रूप में देख रही है।

भाजपा की राजनीति में नए युग की तैयारी

नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर भारतीय जनता पार्टी एक नए युग की राजनीति की शुरुआत का संदेश देना चाहती है। इससे पहले भाजपा ने 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में शामिल कर यह परंपरा स्थापित की थी कि नेतृत्व की जिम्मेदारी समय के साथ नई पीढ़ी को सौंपी जानी चाहिए। इस फैसले ने राष्ट्रीय राजनीति में यह स्पष्ट संकेत दिया था कि भाजपा उम्र और पद के स्थायीकरण के बजाय परिवर्तन और संक्रमण की नीति पर चलती है।

सामान्य कार्यकर्ता से शीर्ष पद तक का संदेश

भाजपा का यह कदम केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि एक वैचारिक संदेश भी है। एक सामान्य कार्यकर्ता और विधायक रहे नितिन नबीन को पार्टी का सर्वोच्च पद सौंपकर भाजपा अपने युवा कार्यकर्ताओं को यह भरोसा देना चाहती है कि समर्पण, संगठनात्मक निष्ठा और मेहनत के बल पर कोई भी कार्यकर्ता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकता है। यह संदेश खासतौर पर उन लाखों कार्यकर्ताओं के लिए है जो जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में जुटे रहते हैं।

45 वर्षीय नेतृत्व से युवाओं को साधने की रणनीति

45 वर्ष के नितिन नबीन के नेतृत्व की संभावना भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। पार्टी यह संकेत देना चाहती है कि भारत जैसे युवा देश की राजनीति की कमान भी युवाओं के हाथों में होनी चाहिए। इस फैसले से देश की अन्य राजनीतिक पार्टियों पर भी नैतिक दबाव बन सकता है, जहां कई दलों में पारिवारिक परंपरा के आधार पर अध्यक्ष चुने जाते रहे हैं और कई दलों के शीर्ष नेता 70 से 80 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं।

अन्य दलों के लिए भी संदेश

भाजपा का यह कदम यह भी दर्शाता है कि संगठनात्मक लोकतंत्र और नेतृत्व परिवर्तन पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाकर भाजपा यह स्थापित करने का प्रयास कर रही है कि राजनीति में अनुभव के साथ-साथ ऊर्जा, नवाचार और नई सोच भी उतनी ही जरूरी है। आने वाले समय में यह फैसला राष्ट्रीय राजनीति की दिशा और अन्य दलों की आंतरिक संरचनाओं पर भी असर डाल सकता है।

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