नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार बहुत ही जल्द चूर-चूर होकर रहेगा। जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने रविवार को यहां बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब पूरा देश अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान कर रहा है, तब वह दिल्ली और देशवासियों के साथ एक पीड़ा भी साझा करना चाहते हैं।
मोदी ने कहा कि शनिवार को राष्ट्रपति मुर्मु संथाल आदिवासी परंपरा के एक महत्वपूर्ण उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं, लेकिन उस कार्यक्रम को सम्मान देने के बजाय तृणमूल सरकार ने उसका बहिष्कार किया और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को भी पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं संथाल आदिवासी समाज से आती हैं और उन्होंने हमेशा आदिवासी समाज के विकास और कल्याण की चिंता की है। ऐसे में उनके कार्यक्रम का बहिष्कार करना न केवल राष्ट्रपति का अपमान है, बल्कि आदिवासी समाज की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह केवल राष्ट्रपति का ही नहीं, बल्कि देश के संविधान और उसकी भावना का भी अपमान है। मोदी ने कहा कि यह लोकतंत्र की महान परंपराओं के विरुद्ध है और उन सभी महिलाओं का भी अपमान है, जिन्होंने संघर्ष और परिश्रम के बल पर समाज में ऊंचा स्थान हासिल किया है।
देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की परंपरा और संस्कृति हर व्यक्ति और हर वर्ग के सम्मान की शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति का अपमान करना देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां कहा गया है कि अहंकार में चूर व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में उसका विनाश निश्चित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी तृणमूल की राजनीति ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी।
पूरा देश और आदिवासी समाज आहत
मोदी ने कहा कि वह देश की राजधानी से यह स्पष्ट कहना चाहते हैं कि एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान करने वाली तृणमूल की राजनीति और सत्ता का अहंकार बहुत जल्द टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि न केवल बंगाल, बल्कि पूरा देश और देश का आदिवासी समाज भी इस घटना को लेकर आहत है। पश्चिम बंगाल की जागरूक और प्रबुद्ध जनता इस घटना को कभी नहीं भूलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता तृणमूल को एक आदिवासी नारी और देश की राष्ट्रपति के अपमान के लिए कभी माफ नहीं करेगी।
महिलाओं का सम्मान हमारी सभ्यता का आधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति भी इस प्रकार के व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी। महिलाओं का सम्मान करना भारतीय संस्कृति और सभ्यता का मूल आधार है और इसका उल्लंघन करने वालों को जनता का सामना करना ही पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज महिलाओं की उपलब्धियों पर गर्व कर रहा है और सरकार भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिलाओं का सम्मान और उनकी भागीदारी भारत के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
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