जांच समिति की रिपोर्ट के बाद पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा एक्शन, विशेष जांच दल गठित

कोलकाता के युवभारती क्रीड़ांगन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी से जुड़े कार्यक्रम के दौरान हुई गंभीर अव्यवस्था को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में राज्य पुलिस के महानिदेशक राजीव कुमार और विधाननगर के पुलिस कमिश्नर मुकेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि विधाननगर कमिश्नरेट के डीसीपी अनीश सरकार को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।

राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत के कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जांच समिति ने कार्यक्रम के दिन सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की गंभीर कमी पाई है। रिपोर्ट के अनुसार भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास व्यवस्था और समग्र कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त तैयारी नहीं की गई थी, जिसके चलते स्थिति बेकाबू हो गई।

डीजी और सीपी से 24 घंटे में जवाब तलब

जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर राज्य पुलिस के डीजी राजीव कुमार को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। इसी तरह विधाननगर के पुलिस कमिश्नर मुकेश कुमार को भी शो कॉज नोटिस भेजा गया है। सरकार का मानना है कि इतने बड़े और संवेदनशील आयोजन में शीर्ष स्तर पर निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाई नहीं गई, जिसके परिणामस्वरूप हालात बिगड़े।

डीसीपी अनीश सरकार निलंबित, विभागीय जांच शुरू

घटना के दिन युवभारती क्रीड़ांगन और आसपास की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी डीसीपी अनीश सरकार के पास थी। जांच समिति की रिपोर्ट में उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसी आधार पर राज्य सरकार ने उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक वे किसी भी पद पर कार्यरत नहीं रहेंगे।

DCP

युवा और क्रीड़ा विभाग से भी मांगा गया जवाब

पुलिस प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार ने युवा और क्रीड़ा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार सिन्हा से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, युवभारती स्टेडियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवकुमार नंदन को सभी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि आयोजन स्थल के प्रबंधन में भी गंभीर लापरवाही बरती गई।

विशेष जांच दल का गठन, निष्पक्ष जांच का दावा

मामले की गहराई से जांच के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है। इस दल में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पीयूष पांडे, जावेद शमीम, सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर को शामिल किया गया है। सरकार ने कहा है कि यह दल पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करेगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अव्यवस्था की असली वजह क्या थी और किन स्तरों पर लापरवाही हुई।

सरकार ने दो टूक कहा है कि जांच में जो भी अधिकारी या विभाग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था दोबारा न हो, इसके लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

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