राऊज एवेन्यू कोर्ट का आदेश, सीबीआई केस में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ी

नई दिल्ली। जमीन के बदले नौकरी से जुड़े बहुचर्चित सीबीआई मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय होने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में अहम आदेश पारित करते हुए आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सीबीआई द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर यह आदेश जारी किया।

सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अदालत को अवगत कराया था कि इस मामले में कुल 103 आरोपित हैं, जिनमें से पांच की मृत्यु हो चुकी है। सीबीआई ने 19 दिसंबर 2025 को सभी आरोपितों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट अदालत में पेश की थी। एजेंसी की ओर से कहा गया कि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए गए हैं, जिनके आधार पर आरोप तय किए जाने चाहिए।

इससे पहले अदालत दो बार आरोप तय करने पर फैसला टाल चुकी थी। 10 नवंबर और 4 दिसंबर 2025 को विभिन्न कानूनी और प्रक्रियागत कारणों के चलते निर्णय नहीं हो सका था। अदालत ने इससे पहले 25 अगस्त को आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन बीच में दायर याचिकाओं और अन्य आदेशों के कारण मामले में देरी होती रही।

इस प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी आरोपित हैं। उन्होंने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत से मामले को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए प्रधान एवं जिला न्यायाधीश के समक्ष याचिका दायर की थी। हालांकि प्रधान एवं जिला न्यायाधीश दिनेश भट्ट ने 19 दिसंबर को इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया।

इस मामले में पहले भी न्यायिक स्तर पर कई अहम आदेश आ चुके हैं। उच्चतम न्यायालय ने 18 जुलाई 2025 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया था कि निचली अदालत में मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2022 को सीबीआई ने जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने 25 फरवरी 2025 को सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सीबीआई का आरोप है कि रेलवे में नियुक्तियों के दौरान जमीन के बदले नौकरी देने की कथित अनियमितताएं की गईं, जिनमें प्रभावशाली पदों का दुरुपयोग किया गया।

अब राऊज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस मामले में आरोप तय किए जाएंगे, जिसके बाद गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के परीक्षण के साथ मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी। कानूनी जानकारों का मानना है कि आरोप तय होने के बाद यह मामला एक निर्णायक चरण में प्रवेश करेगा और आने वाले समय में इसकी सुनवाई और तेज हो सकती है।

स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!

राज्यपाल को जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी साल्ट लेक से गिरफ्तार

‘वोकल फॉर लोकल’ से सीधी की पंजा दरी को दिलाएंगे वैश्विक पहचान

साइबर ठग को ठगने वाले भूपेंद्र की कहानी शॉर्ट फिल्म में

सेंसेक्स-निफ्टी में शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी, लेकिन दबाव बरकरार