मुख्यमंत्री ने सीधी जिले में 201 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास और कल्याण के लिए जनता का अटूट विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। इसी विश्वास के बल पर सरकार एक नए, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को सशक्त बनाकर ही समृद्ध मध्यप्रदेश का सपना साकार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले की सिंहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बहरी तहसील मुख्यालय में आयोजित विभिन्न शासकीय विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार मिशन मोड में काम कर रही है और विकास की इस यात्रा में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीधी जिला प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और परंपरागत हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है। यहां की पंजा दरी न केवल स्थानीय पहचान है, बल्कि पूरे प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। सिंहावल ब्लॉक के क्लस्टर में पंजा दरी और कालीन बुनाई से जुड़ी अनेक इकाइयां संचालित हैं, जिनसे सैकड़ों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीधी की पंजा दरी को जीआई टैग दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि इस पारंपरिक कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र के तहत पंजा दरी को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाएगा, जिससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि पारंपरिक हस्तशिल्प और बुनकर समुदाय को भी नया संबल मिलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित कर सरकार की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता को दोहराया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के लिए 201 करोड़ 64 लाख रुपए की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त 11 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत से ‘बगिया मां के नाम’ योजना के अंतर्गत 505 कार्यों का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ 62 लाख रुपए के 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 68 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण कर जिलेवासियों को अनेक निर्माण कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि सोन नदी के किनारे बसा सीधी जिला सोने की नगरी के समान है और यहां किए जा रहे विकास कार्य आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदल देंगे। इन कार्यों में नए जनपद भवन, ग्राम पंचायत भवन, बालक-बालिका छात्रावास सहित अनेक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण शामिल है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने बहरी में नया कॉलेज खोलने की घोषणा की, जो अगले शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ होगा। इसके साथ ही सिंहावल और देवसर के महाविद्यालयों में विज्ञान और वाणिज्य संकाय की कक्षाएं शुरू करने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने बहरी से चुरहट तक 129 करोड़ रुपए की लागत से 64.54 किलोमीटर लंबे टू-लेन सड़क निर्माण की घोषणा कर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने देवसर में वर्तमान में संचालित पार्ट टाइम एडिशनल कलेक्टर कोर्ट को फुल टाइम किए जाने की घोषणा भी की। इसके साथ ही सीधी जिले की गोपद नदी पर 500 मीटर लंबे नए पुल और महान नदी पर रपटा निर्माण की घोषणा की गई। सिंहावल विधानसभा क्षेत्र के कुछ स्कूलों को हाईस्कूल से हायर सेकेंडरी में उन्नयन और कुछ गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहरी तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीधी प्रदेश का पहला जिला है, जिसे रीवा से सीधे जोड़ने के लिए छह लेन टनल बनाई गई है। रीवा और सतना में हवाई अड्डे तैयार हो चुके हैं और सिंगरौली में पहले से हवाई सेवा उपलब्ध है। बहुत जल्द सीधी और सिंगरौली को नई रेल सुविधाएं भी मिलने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संजय टाइगर रिजर्व, सोन घड़ियाल अभयारण्य और सोन नदी जैसे प्राकृतिक आकर्षणों के कारण सीधी जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सरकार आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने ‘विन्ध्य प्रगति पथ’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से भोपाल से सागर, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, सीधी और सिंगरौली तक नया फोर-लेन हाईवे बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि सीधी जिले में दस आधुनिक सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं और यह सरकार की शिक्षा नीति की सफलता है कि अब अभिभावक निजी विद्यालयों से नाम कटाकर अपने बच्चों को शासकीय सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश दिला रहे हैं। सरकार ने विद्यार्थियों के लिए बसों से आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों से संवाद किया और उनके द्वारा बनाए गए लड्डुओं का स्वाद लेकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने जिले के प्रभारी मंत्री को भी स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित लड्डू खिलाकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों को सराहा।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से प्रदेश में ‘संकल्प से समाधान महाअभियान-1’ चलाने की घोषणा की। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा, जिसके अंतर्गत राज्य सरकार की 106 जनकल्याणकारी योजनाओं की सेवाएं नागरिकों को घर-घर पहुंचाई जाएंगी। इस दौरान अधिकारी गांव-गांव, वार्डों और मोहल्लों तक पहुंचकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महाअभियान को चार चरणों में संचालित किया जाएगा, ताकि सभी आवेदनों और शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो सके।

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