गणतंत्र दिवस से पहले बड़ा खुलासा, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से जारी सघन तलाशी

किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के एक खतरनाक और सुनियोजित भूमिगत ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। यह ठिकाना छतरू क्षेत्र के सिंहपोरा इलाके में लगभग बारह हजार फीट की ऊंचाई पर पहाड़ी क्षेत्र में बनाया गया था। दुर्गम इलाके और प्राकृतिक चट्टानों के बीच चतुराई से तैयार इस अड्डे में एक समय में चार से अधिक आतंकियों के ठहरने की पूरी व्यवस्था थी। ठिकाने में कई प्रवेश और निकास बिंदु बनाए गए थे, ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में आतंकी आसानी से भाग सकें और सुरक्षा बलों को भ्रमित किया जा सके।

भोजन से लेकर लंबे समय तक छिपने की पूरी तैयारी

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस भूमिगत ठिकाने में आतंकियों के लिए भोजन पकाने की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे यह साफ होता है कि इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। पहाड़ी इलाके में इतनी ऊंचाई पर इस तरह का अड्डा बनाना आतंकियों की साजिश और उनकी तैयारी के स्तर को दर्शाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह ठिकाना न केवल स्थानीय गतिविधियों के लिए बल्कि भविष्य में बड़ी आतंकी घटनाओं की योजना के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता था।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ अभियान

गणतंत्र दिवस के मद्देनजर पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। इसी बीच आतंकियों की मौजूदगी को लेकर खुफिया जानकारी मिलने के बाद रविवार को इस क्षेत्र में सघन अभियान शुरू किया गया। इलाके की घेराबंदी कर सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमों ने तलाशी अभियान चलाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने पीछे हटने के बजाय ऑपरेशन को और तेज किया।

मुठभेड़ में जवान का बलिदान, कई घायल

इस अभियान के दौरान आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के हवलदार गजेंद्र सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। इसके अलावा सात अन्य जवान घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ा नुकसान रहा, लेकिन इसके बावजूद ऑपरेशन को रोका नहीं गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और पूरे इलाके को आतंकमुक्त करने तक कार्रवाई जारी रहेगी।

ड्रोन और खोजी कुत्तों से इलाके की छानबीन

सोमवार को भी इलाके की घेराबंदी बनाए रखते हुए व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से जंगलों, पहाड़ियों और संदिग्ध स्थानों की बारीकी से जांच की गई। इसी सघन तलाशी के दौरान इस भूमिगत आतंकी ठिकाने का पता चला। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आसपास के इलाकों में अभी और भी ठिकाने या आतंकी छिपे हो सकते हैं, इसलिए ऑपरेशन को पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

कठुआ के बाद किश्तवाड़ में दूसरी बड़ी कार्रवाई

यह अभियान ऐसे समय में सामने आया है, जब पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी ठिकानों का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई के दौरान भी आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की थी, जिसके बाद रात भर मुठभेड़ चली थी। किश्तवाड़ में सामने आई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि आतंकी संगठन लगातार पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

आतंक के मंसूबों पर पानी फेरने की तैयारी

सुरक्षा बलों का कहना है कि गणतंत्र दिवस से पहले किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किश्तवाड़ में मिले इस ठिकाने से आतंकियों के मंसूबों को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर आतंकियों की गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाएगा।

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