नई दिल्ली । नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। भारत के राजकीय दौरे पर आए राष्ट्रपति लूला का भारत के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने स्वागत किया। यह दौरा भारत-ब्राजील संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति लूला
भारत को राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, जिसमें प्रतिष्ठित मंत्री और व्यापारिक नेता शामिल हैं। राष्ट्रपति लूला की दूरदृष्टि और प्रेरणादायक नेतृत्व से भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से लाभ मिलता रहा है। एआई शिखर सम्मेलन में उनकी उपस्थिति ने हमारी रणनीतिक साझेदारी में नई ऊर्जा का संचार किया है। हमारी बातचीत में विभिन्न क्षेत्रों में भारत-ब्राजील की मित्रता के सभी पहलुओं को शामिल किया गया।
अगले 5 साल में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक बढ़ाएगें
पीएम मोदी ने कहा- हमारी बातचीत भारत-ब्राजील व्यापार साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर केंद्रित रही। हम अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से कहीं अधिक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे देश प्रौद्योगिकी, नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और अन्य क्षेत्रों में भी मिलकर काम करेंगे। इससे हमारे देश के लोगों को लाभ होगा।
ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा.. भारत-ब्राजील में कई समानताएं
भारत-ब्राजील आर्थिक मंच पर ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा - "यह भारत और ब्राजील के लिए एक बहुत ही आशाजनक दिन है। मैं भारत-ब्राजील संबंधों को लेकर बहुत आशावादी हूं क्योंकि हमारे बीच कई समानताएं हैं। हम विकासशील देश नहीं रहना चाहते बल्कि विकसित राष्ट्र बनना चाहते हैं।
सिल्वा ने कहा हमारी भूमिका व्यापार जगत के लिए द्वार खोलना है ताकि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। बातचीत करें, साझेदारी बनाएं, ब्राजील और भारत में निवेश करें, ताकि दोनों अर्थव्यवस्थाएं साथ-साथ विकास कर सकें। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत और ब्राजील की महान अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षाएं पूरी हों। मैंने अपने उपराष्ट्रपति को भेजा है, जिन्होंने पिछले साल भारत में पहला व्यापार मिशन भेजा था। मेरे साथ मंत्रियों और व्यापारियों का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल है, और यह भारत के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
#WATCH | Delhi: At the India-Brazil Economic Forum, Brazilian President Luiz Inacio Lula Da Silva says, "... It's a very promising day for India and Brazil... I'm very optimistic about India-Brazil relations as we have a lot of similarities. We wish to no longer be developing… pic.twitter.com/SFLs0kTVzd
— ANI (@ANI) February 21, 2026
इसके बाद राष्ट्रपति लूला ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री और ब्राजील के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहित कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा होने की संभावना है।
व्यापक एजेंडे पर बातचीत
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति लूला के सम्मान में औपचारिक भोज का आयोजन भी करेंगे। वार्ता के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिनमें बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग, सुधारित बहुपक्षीय व्यवस्था, वैश्विक शासन और वैश्विक दक्षिण से जुड़े विषय प्रमुख हैं।
राष्ट्रपति लूला 18 फरवरी को दूसरे कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे थे। उनके साथ लगभग 14 मंत्री और ब्राजील की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी आए हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अपने भारतीय समकक्षों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं।
ऐतिहासिक और बहुआयामी संबंध
यह राष्ट्रपति लूला का भारत का छठा दौरा है। वे पहली बार 2004 में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत आए थे और सितंबर 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन में भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नियमित मुलाकातें होती रही हैं। जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी का ब्रासीलिया दौरा भी दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया।
भारत और ब्राजील के बीच 2006 से रणनीतिक साझेदारी कायम है। यह संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, लोगों के बीच गहरे संपर्क और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर आधारित है। ब्राजील लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और औषधि निर्माण, ऊर्जा, नवीकरणीय स्रोत, महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ खनिज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा हो रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के विचार काफी हद तक समान हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति लूला का यह राजकीय दौरा दोनों पक्षों को साझा हितों के मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर सहयोग को नई दिशा देने का अवसर प्रदान करेगा।
भारत और ब्राजील के बीच बढ़ती निकटता वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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