माखन नगर में लाड़ली बहना योजना का राज्य स्तरीय सम्मेलन, 32वीं किश्त होगी जारी
नर्मदापुरम।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नर्मदापुरम जिले के माखन नगर (बाबई) में आयोजित की गई लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 32वीं किश्त की राशि इस कार्यक्रम के दौरान सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
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मुख्यमंत्री इस मौके पर एक करोड़ 25 लाख 31 हजार से अधिक पात्र महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि का अंतरण करेंगे। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बहनों के बैंक खातों में पहुंचेगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री 29 लाख महिलाओं को गैस सिलेंडर रीफिलिंग सहायता के रूप में 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी ट्रांसफर करेंगे। इससे महिलाओं को रसोई गैस भरवाने में आर्थिक मदद मिलेगी। इस सम्मेलन के दरमियान मुख्यमंत्री कई सारे विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी करेंगे, जिससे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूती मिल सके।
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जून 2023 में शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री द्वारा लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में की गई थी। इस योजना का लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। महिलाओं को शुरुआती समय में हर महीने 1,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती थी। लेकिन नवंबर 2025 से इसमें 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद अब पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।
अब तक 31 किश्तें जारी
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जून 2023 से दिसंबर 2025 तक इस योजना की कुल 31 किश्तें महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी हैं। अब जनवरी 2026 में 32वीं किश्त का अंतरण किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के तहत, जून 2023 से दिसंबर 2025 तक कुल 48 हजार 632 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर किया जा चुका है। वहीं जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 38 हजार 635 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि का अंतरण हुआ है।
महिलाओं को मिला आर्थिक सहारा
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लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा दी है। जिससे महिलाएं अपने घर के खर्चों में सहयोग कर पा रही हैं और छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इस योजना ने महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है और उन्हें समाज में सम्मान भी मिला है। कई महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, इलाज और घरेलू जरूरतों के लिए भी कर रही हैं।
आगे और सशक्त होंगी महिलाएं
सरकार का यह मानना है कि आने वाले कुछ समय में लाड़ली बहनों को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं। महिलाओं को ट्रेनिंग, छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी अहम भूमिका निभा सकेंगी। लाड़ली बहना योजना आज प्रदेश की महिलाओं के लिए एक भरोसे और आत्मविश्वास की योजना बन चुकी है, जिससे उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का रास्ता मिला है।
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