100 देशों की भागीदारी, 15 राष्ट्राध्यक्षों और 100 से अधिक वैश्विक सीईओ के आने की पुष्टि

नई दिल्ली, 30 जनवरी (हि.स.)। भारत तेजी से वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसी कड़ी में प्रस्तावित इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मिट 2026 को अब तक का सबसे बड़ा और प्रभावशाली वैश्विक एआई सम्मेलन बताया जा रहा है। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि इस सम्मेलन को दुनिया भर से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है और इसमें लगभग 100 देशों की भागीदारी सुनिश्चित हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 15 राष्ट्राध्यक्षों के आगमन की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक वैश्विक सीईओ, 40 देशों के मंत्री और 50 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल होंगे। वैष्णव के अनुसार, यह दुनिया का चौथा एआई समिट होगा, लेकिन आकार, भागीदारी और प्रभाव के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा आयोजन साबित होगा।

ओबरॉय होटल में ‘इम्पैक्ट एजेंडा’ का विमोचन

केंद्रीय मंत्री ने गुरुवार को नई दिल्ली के ओबरॉय होटल में आयोजित एआई एम्पैक्ट सम्मिट से जुड़े कार्यक्रम के दौरान ‘इम्पैक्ट एजेंडा: लीडरशिप रिफ्लेक्शंस’ का विमोचन किया। इस दस्तावेज में 60 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और तकनीकी लीडर्स ने एआई के भविष्य, समावेशी विकास और सामाजिक प्रभाव जैसे अहम विषयों पर अपने विचार साझा किए हैं। इस अवसर पर उनके मंत्रालय में सहयोगी मंत्री जितिन प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक होगा आयोजन

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी के बीच इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मिट का आयोजन किया जाएगा। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई नीति, नवाचार और सहयोग की दिशा तय करने वाला मंच बनेगा।

आईटी उद्योग में आ रहा है बड़ा बदलाव

पत्रकार वार्ता के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का आईटी उद्योग अब केवल सॉफ्टवेयर सेवाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि एआई आधारित समाधान देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आईटी कंपनियां अपने कर्मचारियों को नए कौशल सिखा रही हैं, ग्राहकों की जरूरतों को नए सिरे से समझ रही हैं और बाजार के साथ अपने संबंधों को दोबारा परिभाषित कर रही हैं। मंत्री के अनुसार, यह परिवर्तन भारत के तकनीकी भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।

AI Impact Summit 2026

200 से अधिक सेक्टर-विशेष एआई मॉडल तैयार

अश्विनी वैष्णव ने यह भी खुलासा किया कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान आईटी कंपनियों ने जानकारी दी है कि वे अब तक 200 से अधिक छोटे, फोकस्ड और सेक्टर-विशेष एआई मॉडल विकसित कर चुकी हैं। इन मॉडलों का उद्देश्य किसी एक खास क्षेत्र की जटिल समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि एआई का वास्तविक लाभ उत्पादकता, दक्षता और सेवा गुणवत्ता बढ़ाने में दिखाई देगा, जिससे उद्योग और समाज दोनों को दीर्घकालिक फायदा होगा।

पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस: समिट के तीन स्तंभ

मंत्रालय में सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मिट 2026 तीन प्रमुख स्तंभों—पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस—पर आधारित होगा। इसके अंतर्गत सात प्रमुख विषयों पर विचार और कार्य किया जाएगा, जिनमें आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण, एआई तक समान पहुंच, दिव्यांगों और वंचित वर्गों का सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।

एआई के लोकतंत्रीकरण पर विशेष जोर

सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि इस समिट का मूल उद्देश्य एआई तकनीक का लोकतंत्रीकरण है, ताकि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल साउथ में इस तरह के बड़े एआई सम्मेलन का आयोजन भारत की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें तकनीक को केवल मुनाफे का जरिया नहीं, बल्कि समावेशी और संतुलित विकास का माध्यम माना जाता है।

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वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका होगी निर्णायक

विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मिट 2026 भारत को एआई नीति और वैश्विक सहयोग के केंद्र में स्थापित करेगा। यह सम्मेलन न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि एआई के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक पहलुओं पर वैश्विक सहमति बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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