प्रदेश में कल से बदलेगा मौसम का मिजाज, कोहरे और ठंड से जनजीवन प्रभावित

भोपाल: मध्यप्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। विशेषकर पूर्वी और उत्तरी अंचलों में सर्दी का असर लगातार बना हुआ है। बीते कई दिनों से सुबह और रात के समय घना कोहरा छा रहा है, जिससे दृश्यता कम हो रही है और आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हो रहा है। बुधवार को मौसम में हल्की राहत जरूर देखने को मिली, लेकिन ठंड की तीव्रता अभी भी लोगों को परेशान कर रही है।

प्रदेश के कई जिलों में कोहरे का असर

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जैसे जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया। वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर सहित प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में दृश्यता दो से चार किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। कोहरे के कारण सुबह के समय सड़कों पर वाहन चालकों को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी। कई स्थानों पर स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम शुष्क, फिलहाल नहीं बनेगी कोल्ड वेव की स्थिति

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक India Meteorological Department की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में किसी बड़े मौसमीय बदलाव की संभावना नहीं है। इस अवधि में न तो कोल्ड वेव और न ही कोल्ड डे जैसी स्थिति बनने के आसार हैं। हालांकि रात और सुबह के समय ठंड का असर बना रहेगा और कोहरे की स्थिति जारी रह सकती है।

ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा ठंड

प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल में बर्फीली हवाओं के सीधे प्रभाव से न्यूनतम तापमान तेजी से गिर गया है। बीती रात ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि करौंदी में पारा 4.7 डिग्री तक पहुंच गया। चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

हिल स्टेशन पचमढ़ी भी सर्दी की गिरफ्त में

प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी सर्दी का असर साफ नजर आ रहा है। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। पर्यटन स्थल खजुराहो में पारा 6 डिग्री और दतिया में 6.2 डिग्री रहा। इन क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा और ठंडी हवाएं चलने से लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

राजधानी और बड़े शहरों का तापमान

राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इंदौर और जबलपुर में रात का तापमान 9.5 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि उज्जैन में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के समय भी उत्तरी जिलों में ठंडक बनी रही और अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रहा, जिससे दिन में भी गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस की गई।

15 जनवरी से बदल सकता है मौसम का रुख

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से दो से तीन दिन बाद मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल छाने और मावठा गिरने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो ठंड का असर एक बार फिर बढ़ सकता है और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। किसानों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि मावठा फसलों पर असर डाल सकता है।

कोहरे से रेल यातायात प्रभावित

सुबह के समय घने कोहरे के कारण रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित ट्रेनों में शामिल है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस समेत करीब एक दर्जन ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ी हुई है। यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

इस सीजन की रिकॉर्ड तोड़ ठंड

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में 84 साल बाद और दिसंबर में 25 साल बाद इतनी अधिक ठंड दर्ज की गई। जनवरी में भी ठंड का असर लगातार बना हुआ है। भोपाल में पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड टूट चुका है और आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे के दौर बने रहने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु में हो रहे बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण ठंड की अवधि लंबी खिंच सकती है।

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