सिरप में मिला जहरीला औद्योगिक रसायन, छिंदवाड़ा कांड से जुड़ा गंभीर खतरा
जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश में बच्चों को एलर्जी में दिए जाने वाले अल्मॉन्ट किड सिरप की बिक्री और भंडारण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने मंगलवार को इस संबंध में परामर्श जारी करते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आया है कि इस सिरप में भी वही जहरीला औद्योगिक रसायन पाया गया है, जिसका संबंध पहले छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के मामले से जुड़ चुका है। सरकार ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
किस जहरीले रसायन की पुष्टि
जांच में अल्मॉन्ट किड सिरप में इथाइलीन ग्लाइकॉल जैसे अत्यंत विषैले रसायन की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। यह रसायन सामान्यतः वाहनों के कूलेंट में उपयोग होता है और मानव शरीर, विशेषकर बच्चों की किडनी पर घातक प्रभाव डालता है। यही रसायन पहले कोल्ड्रिफ कफ सिरप में भी पाया गया था, जिसके सेवन से छिंदवाड़ा में 25 से अधिक बच्चों की किडनी फेल हुई और उनकी मौत हो गई थी।
ड्रग कंट्रोलर का बयान और कार्रवाई
मध्यप्रदेश के ड्रग कंट्रोलर दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि अल्मॉन्ट किड सिरप में जहरीला रसायन मिलने के बाद तेलंगाना सरकार ने इसे अपने राज्य में प्रतिबंधित कर अन्य राज्यों को भी सूचना भेजी। यह नोटिस शनिवार को मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ, जिसके बाद राज्य के सभी जिलों में ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश जारी किए गए। संबंधित सिरप को जब्त करने और बिक्री रोकने की प्रक्रिया पूरे प्रदेश में शुरू कर दी गई है।
मेडिकल दुकानों को सख्त निर्देश
राज्य सरकार की ओर से जारी परामर्श के तहत सभी मेडिकल दुकान संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके पास अल्मॉन्ट किड सिरप का कोई भी स्टॉक मौजूद हो, तो उसे तुरंत जमा कराया जाए। जबलपुर में ड्रग इंस्पेक्टरों ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल जिले में इस सिरप के स्टॉक की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी सतर्कता बरती जा रही है।
तेलंगाना की जांच से खुलासा
तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन ने प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर अल्मॉन्ट किड सिरप पर तत्काल रोक लगाई थी। यह रिपोर्ट केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से प्राप्त हुई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से इथाइलीन ग्लाइकॉल की मौजूदगी दर्ज की गई। इसके बाद सभी राज्यों को चेतावनी भेजी गई।
बिहार की कंपनी पर गंभीर आरोप
तेलंगाना सरकार की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि यह मिलावटी और जानलेवा दवा ट्रिडस रेमेडीज नामक बिहार स्थित कंपनी द्वारा निर्मित है। प्रतिबंधित बैच एएल-24002 को विशेष रूप से खतरनाक बताया गया है। यह सिरप आमतौर पर बच्चों में एलर्जी, बुखार और अस्थमा जैसी समस्याओं में चिकित्सकीय पर्चे पर दी जाती थी।
छिंदवाड़ा कांड से जुड़ी गंभीर कड़ी
गौरतलब है कि कुछ माह पहले छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 25 से अधिक बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। उस जांच में भी डाइएथाइलीन/इथाइलीन ग्लाइकॉल की पुष्टि हुई थी। अब अल्मॉन्ट किड सिरप में वही रसायन मिलने से दवा निर्माण और आपूर्ति शृंखला पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जबलपुर में बैच एएल-24002 उपलब्ध नहीं
जबलपुर केमिस्ट एवं ड्रग एसोसिएशन के पूर्व सचिव चंद्रेश जैन ने बताया कि प्रतिबंधित बैच एएल-24002 जबलपुर या आसपास के जिलों के किसी मेडिकल स्टोर में फिलहाल उपलब्ध नहीं है। फिर भी, यदि कहीं मौजूद हो तो उसे तुरंत सरेंडर करने की सख्त हिदायत दी गई है।
सरकार की अपील और आगे की कार्रवाई
राज्य सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले सतर्क रहें और संदिग्ध दवाओं की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरे प्रदेश में निगरानी बढ़ाए हुए है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
✨ स्वदेश ज्योति के द्वारा | और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!
सेंधवा में तायल बंधुओं के ठिकानों पर सीबीआई का छापा, 13 करोड़ के लोन धोखाधड़ी मामले की जांच तेज
सीकर में भीषण सड़क हादसा: कार-ट्रक की टक्कर में छह महिलाओं की मौत, तीन गंभीर घायल
बांग्लादेश में पुलिस हिरासत में हिंदू नेता की मौत, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071157234z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-56.png)
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071151025z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-50.png)
/swadeshjyoti/media/post_attachments/wp-content/uploads/2025/10/cough-syrup.jpg)