नाबार्ड बैंक भोपाल से जुड़े प्रकरण में छह ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई, दस्तावेजों की गहन पड़ताल

बड़वानी। मध्य प्रदेश के सेंधवा में बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी छापामार कार्रवाई की। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने पुलिस बल के साथ मिलकर शहर में तायल बंधुओं से जुड़े छह ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान संबंधित परिसरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

नाबार्ड बैंक से जुड़े लोन धोखाधड़ी का मामला

सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई नाबार्ड बैंक, भोपाल से जुड़े करीब 13 करोड़ रुपये के कथित लोन धोखाधड़ी प्रकरण में की जा रही है। इस मामले में पहले से ही एफआईआर दर्ज है और लंबे समय से वित्तीय लेन-देन की जांच चल रही थी। सीबीआई को आशंका है कि बैंक से लिए गए ऋण का उपयोग तय उद्देश्यों के बजाय अन्य गतिविधियों में किया गया।

उद्योगपति अशोक तायल के निवास सहित कई ठिकानों पर दबिश

सीबीआई की 16 अधिकारियों की टीम ने सेंधवा की जगन्नाथपुरी कॉलोनी स्थित उद्योगपति अशोक तायल के निवास पर छापा मारा। इसके साथ ही निमाड़ एग्रो पार्क और उससे जुड़े अन्य परिसरों पर भी एक साथ कार्रवाई शुरू की गई। सुबह से ही टीम ने दस्तावेजों, कंप्यूटर रिकॉर्ड और वित्तीय कागजातों की बारीकी से जांच शुरू कर दी।

जांच के घेरे में निकुंज तायल और गिरधारी तायल

इस प्रकरण में निमाड़ एग्रो पार्क के मालिक निकुंज तायल और उनके पिता गिरधारी तायल भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। सीबीआई की टीम दोनों को अपने साथ लेकर सेंधवा स्थित निमाड़ एग्रो पार्क के कार्यालय पहुंची, जहां फाइलों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का फोकस बैंक लोन के उपयोग, भुगतान और उससे जुड़े खातों पर बताया जा रहा है।

जोशी बंधुओं के ठिकानों पर भी कार्रवाई

सीबीआई टीम ने सेंधवा के रामकटोरा क्षेत्र में जोशी बंधुओं के घर पर भी दबिश दी है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई तायल बंधुओं और जोशी बंधुओं के बीच हुए कारोबारी लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए की जा रही है। इसके अलावा जोशी बंधुओं से जुड़े गुजरात स्थित ठिकानों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

फूड पार्क से जुड़े लेन-देन पर केंद्रित जांच

सीबीआई की जांच मुख्य रूप से तायल बंधुओं के सेंधवा के पास स्थित जामली फूड पार्क और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। आशंका जताई जा रही है कि बैंकों से लिए गए ऋण का इस्तेमाल फूड पार्क परियोजना के निर्धारित उद्देश्यों के अलावा अन्य कार्यों में किया गया, जिससे बैंकिंग संस्थानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।

आधिकारिक बयान से परहेज, जांच जारी

छापेमारी को लेकर सीबीआई या स्थानीय पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में सीबीआई अधिकारियों ने केवल इतना कहा कि मामला जांच के अधीन है और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई देर शाम तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

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