भोपाल। साइबर जालसाजों ने रिटायर्ड कर्मचारी के साथ शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने का लालच दिखाकर लाखों रुपयों का चूना लगा दिया। जानकारी के अनुसार लेकपर्ल गार्डन में रहने वाले आरिफ जफर (67) रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि जून 2025 में डीमैट खाता खोलने के लिए गूगल पर जानकारी जुटाई थी। इसके बाद उनके मोबाइल पर लिंक आई थी। इसमें एफवायईआरएस वीआईपी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी नाम से फर्म बताई गई थी।
मुनाफे का लालच देकर 24 लाख 76 हजार रुपए ठगे
लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें वॉट्सअप समूह में जोड़ लिया गया। इसमें संदेही राजीव मेहता निवेश के टिप्स देता था। इसके बाद उन्होंने संपर्क किया तो कृतिका जोशी और सना कपूर नाम की दो महिलाओं से बात हुई। उनके कहने पर फरियादी ने आधार-पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी दे दी और उन्हें एक एप्लीकेशन से जोड़ा गया। बाद में मुनाफे का लालच देकर उनसे 24 लाख 76 हजार रुपए ठग लिए गए।
ट्रेडिंग के नाम पर 57 लाख रुपए की ठगी
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इधर भोपाल के मिसरोद में भी एक और ठगी , 61
वर्षीय पंकज श्रीवास्तव, शिव आंगन कॉलोनी मिसरोद निवासी ।इधर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 57 लाख रुपए की ठगी का प्रकरण सामने आया है। एक महीने में तक जालसाज ने इतनी बड़ी रकम का निवेश कराया बाद में मुख्य खाता व मुनाफा खाता बंद कर चंपत हो गया। पुलिस ने ठगी का प्रकरण दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
मिसरोद पुलिस और क्राइम ब्रांच कर रही जांच
शिकायत मिलने के बाद मिसरोद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 के महीने में शेयर ट्रेडिंग के लिए उन्हें परिचत से एक मोबाइल नंबर मिला। उन्होंने मोबाइल नंबर पर बात की तो उन्हे बताया गया कि ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के लिए दो खाते बनाए जाएंगे। एक खाते में आपको पैसों का निवेश करना होगा जबकि दूसरे खाते में मुनाफा राशि दिखेगी। मोबाइल धारक ने यह भी कहा है कि आपके पैसों को ऐसी कंपनियों में ही लगाया जाएगा जो कि सर्वाधिक मुनाफे है। जितने ज्यादा शेयर खरीदे जाएंगे मुनाफा भी उतना ज्यादा तथा जल्द ही होगा। पंकज श्रीवास्तव उसके झांसे में आ गए तथा हामी भर दी।
दिसंबर तक 57 लाख रुपए जमा किए जनवरी में उन्होंने देखा दोनों खातों में बैलेंस जीरो
उनके दो खाते खोल दिए गए। एक खाते में वे निवेश करते गए जबकि दूसरे खाते में निवेश की गई राशि व हुआ फायदा जमा दिख रहा था। इस तरह से दिसंबर के महीने में उन्होंने करीब 57 लाख रुपए जमा कर दिए। जनवरी के दूसरे हफ्ते में उन्होंने देखा कि अचानक ही दोनों खातों में बैलेंस जीरो हो गया है। उन्होंने मोबाइल नंबर पर कॉल कर तथा ऑनलाइन तरीके से संपर्क की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जब उन्हें इस बात का अहसास हो गया कि उनके साथ ठगी हुई है तो उन्होंने मामले
शिकायत साइबर सेल को कर दी।
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