मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 के तहत नॉट आउट @100 का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस टूर्नामेंट में आठ राज्यों की 6 प्रमुख दिव्यांग टीमें और लगभग 50 अन्य टीमें शामिल हो रही हैं। इस खेल उत्सव में देशभर से करीब 600 से ​अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचेंगे। 

पहला टी-20 टूर्नामेंट जो 100 घंटे बिना रुके चलेगा

कार्यक्रम संयोजक राघवेंद्र शर्मा के मुताबिक, यह दुनिया का पहला ऐसा टूर्नामेंट है, जो लगातार 100 घंटे तक बिना रुके चलेगा। दिन और रात कुल 25 टी—20 मुकाबले खेले जाएंगे। 26 फरवरी 2026 की शाम 4 बजे टूर्नामेंट का समापन होगा।

राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह टूर्नामेंट अपने आप में सद्भुत है। दुनिया देखे या न देखे, लेकिन मैदान पर संषर्घ और जुनून का यह सिलसिला 100 घंटे तक नहीं रुकेगा। यही इस आयोजन की असली ताकत है, जो दिव्यांगजनों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगी।

Department Of Public Relations,M.P.
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खिलाड़ीयों से मुलाकात की 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय दिव्यांग खेल महोत्सव के अंतर्गत दिव्यांगों द्वारा लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलना अद्भुत, आनंददायक और हम सभी के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने इस आयोजन के लिए कुशभाऊ ठाकरे ट्रस्ट और अंतर्राष्ट्रीय लोक नीति अनुसंधान केंद्र को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि इस खेल महोत्सव का आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के "मन की बात" भाषण के साथ हो रहा है।

यह सभी क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग पुत्री संगीता विश्नोई के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि पुत्रियाँ केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और साहस की जीती-जागती मिसाल हैं।

टी-20 विश्वकप में सुपर 8 का तीसरा मुकाबला आज, भारत-साउथ अफ्रीका के बीच शाम 7 बजे से खेला जाएगा, टीम हो सकता है बदलाब

ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% किया:कल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द किए, फिर नाराज ट्रम्प ने 10% टैरिफ लगाया था

अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य पर प्राथमिकी के आदेश - यौन शोषण के मामले में पॉक्सो कोर्ट के निर्देश

कानून को ‘किले’ से ‘मंच’ में बदलना होगा, ताकि सबकी पहुंच हो - प्रधान न्यायाधीश