काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान के पूर्वी इलाकों में पाकिस्तान द्वारा की गई ताज़ा हवाई कार्रवाई के बाद दोनों देशों के संबंधों में फिर से तीखा तनाव उभर आया है। अफगान प्रशासन का कहना है हमले में नांगरहार के एक घर को निशाना बनाया, जिससे एक ही परिवार के 23 लोग मलबे के नीचे दब गए। अब तक सिर्फ चार लोगों को निकाला जा सका है। हमले के समय परिवार सो रहा था, इसलिए उन्हें भागने का मौका ही नहीं मिला।
अफगान अधिकारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में रिहायशी मकान और एक धार्मिक शिक्षण केंद्र भी नुकसान की चपेट में आए। राहत एजेंसियों ने मृतकों की संख्या दो दर्जन के आसपास बताई है, जबकि कई घायल अस्पतालों में भर्ती हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
दूसरी ओर पाकिस्तान ने दावा किया है कि यह कार्रवाई सीमा पार सक्रिय उग्रवादी ठिकानों के खिलाफ की गई है। इस्लामाबाद का कहना है कि हाल के दिनों में उसके सुरक्षा बलों पर हुए हमलों की योजना इन्हीं ठिकानों से बनाई जा रही थी। पाकिस्तान ने इसे आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है।
तालीबानी सरकार ने कहा करारा जबाब देंगे
अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार ने इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया। बयान में कहा गया कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध हैं और यदि यह सिलसिला जारी रहा तो अफगानिस्तान “उचित और संतुलित प्रतिक्रिया” देगा।
तस्वीरों से समझें हालात
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सीमा क्षेत्र में पहले से ही अविश्वास का माहौल बना हुआ था। पिछले महीनों में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान इलाकों में कई हमले हुए, जिनके लिए इस्लामाबाद ने अफगान धरती से संचालित समूहों को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि काबुल इन आरोपों को खारिज करता रहा है और कहता है कि उसकी जमीन किसी भी देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है। यदि जवाबी कार्रवाई होती है तो सीमा पर झड़पें बढ़ सकती हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, आवागमन और कूटनीतिक संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
मानवीय संगठनों ने अपील की है कि नागरिक इलाकों को संघर्ष से दूर रखा जाए और घायल लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता दी जाए। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी संयम बरतने की अपील की है, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
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फिलहाल दोनों देशों की सेनाएं सतर्क हैं और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर बातचीत होती है या तनाव और बढ़ता है, इस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।
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