नई दिल्ली। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने अपने सीईओ सुंदर पिचाई के लिए अगले तीन वर्षों का संभावित वेतन बढ़ाकर 69.2 करोड़ डॉलर यानी भारतीय रुपयों में करीब 6361 करोड़ रुपये कर दिया है। इस डील के साथ ही पिचाई दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) में शुमार हो गए हैं। गूगल ने अगले तीन वर्षों के लिए sundar pichai का कुल अधिकतम संभावित वेतन पैकेज 69.2 करोड़ डॉलर तय किया है।
दुनिया में सबसे अधिक कमाने वाले सीईओ बने
इसमें उनकी सालाना बेसिक सैलरी 20 लाख डॉलर (करीब 18.38 करोड़ रुपये) रखी गई है, जबकि पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा शेयरों के रूप में मिलेगा। अगर वह कंपनी के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाते हैं, तो भी उन्हें वेतन और स्टॉक के रूप में तीन वर्षों में 39.1 करोड़ डॉलर की बेसलाइन अमाउंट की राशि मिलनी तय है।
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पीएसयू पर आधािरत है बड़ा हिस्सा
इस पैकेज का एक बड़ा हिस्सा परफॉरमेंस स्टॉक यूनिट्स (पीएसयू) पर आधारित है, जिसकी टारगेट वैल्यू 12.6 करोड़ डॉलर (लगभग 1158 करोड़ रुपए) है। इन शेयरों का मूल्य एसएंडपी 100 की अन्य कंपनियों के मुकाबले अल्फाबेट के शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न के आधार पर तय होगा।
शू्न्य भी हो सकती है सैलरी
अगर कंपनी शानदार प्रदर्शन करती है, तो यह रकम दोगुनी (25.2 करोड़ डॉलर यानी 2316 करोड़ रुपये) हो सकती है और अगर पिछड़ती है तो यह शून्य भी हो सकती है। इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में उन्हें 84 मिलियन डॉलर (करीब 772 करोड़ रुपए) के प्रतिबंधित शेयर भी मिलेंगे, जो हर महीने भुनाए जा सकेंगे।
स्टॉक इंसेंटिव्स पहली बार जोड़े
इस डील की एक बड़ी खासियत इसके नए इंसेंटिव्स हैं। गूगल ने अपनी सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी शाखा ‘वेमो’ और ड्रोन डिलीवरी स्टार्ट-अप ‘विंग’ की ग्रोथ से जुड़े 35 करोड़ डॉलर (लगभग 3217 करोड़ रुपये) तक के स्टॉक इंसेंटिव्स पहली बार जोड़े हैं। इसमें वेमो के लिए 13 करोड़ डॉलर (लगभग 1195 करोड़ रुपये) और विंग एविएशन के लिए 4.5 करोड़ डॉलर (लगभग 413 करोड़ रुपये) की टारगेट वैल्यू के शेयर रखे गए हैं, जो तीन साल बाद उनके ‘फेयर वैल्यू’ के आधार पर तय होंगे और शानदार प्रदर्शन पर 200 प्रतिशत तक का भुगतान कर सकते हैं।
पिचाई के नेतृत्व में लगातार वृद्धि कर रहा गूगल
भारतीय मूल के 53 वर्षीय पिचाई ने 2004 में कंपनी में शामिल होने के बाद क्रोम ब्राउजर विकसित करने और एंड्रॉइड डिवीजन का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अल्फाबेट के बोर्ड का मानना है कि पिचाई की अगुवाई में वेमो और विंग ऑटोनॉमस ड्राइविंग व डिलीवरी के क्षेत्र में मजबूत प्रगति कर रहे हैं। इसके अलावा, अगस्त 2015 में जब पिचाई ने सीईओ का पद संभाला था, तब गूगल का मार्केट कैप 535 बिलियन डॉलर था, जो उनके नेतृत्व में सात गुना बढ़कर लगभग 3.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया (जनवरी में यह 4 ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर गया था)।
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