वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, पर्यटन विरासत और विकास मॉडल की होगी प्रस्तुति

भोपाल। मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 जनवरी को स्विट्जरलैंड के दावोस पहुंच गए हैं। यहां वे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री आज पर्यटन निवेश पर केंद्रित विशेष सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और निवेश अवसरों को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

दावोस पहुंचने पर हुआ स्वागत, आज दोपहर संबोधित करेंगे सत्र

दावोस पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत भारत की राजनयिक प्रतिनिधि वीणा टर्की ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। मुख्यमंत्री आज दोपहर बाद पर्यटन निवेश सत्र में हिस्सा लेंगे, जहां राज्य सरकार की नीतियों, अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। यह सत्र खास तौर पर पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और संबंधित क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित पर्यटन नीति

दावोस रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के विजन से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास का सशक्त माध्यम बनाया है। उन्होंने बताया कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है।

आध्यात्मिक पर्यटन बना प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन आज मध्यप्रदेश की प्रमुख पहचान बन चुका है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब तक 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं। इन स्थलों ने न केवल पर्यटन को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की है।

पर्यटन नीति-2025 और फिल्म पर्यटन नीति से निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की पर्यटन नीति-2025 और फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा मिली है। फिल्म पर्यटन नीति के चलते मध्यप्रदेश अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।

ग्रामीण पर्यटन से बदलेगा गांवों का भविष्य

ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होम-स्टे विकसित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस संख्या को 1000 तक बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय लोगों को रोजगार व आय के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह मॉडल आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

हवाई और हेली सेवा से मजबूत हुई पर्यटन अवसंरचना

पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। इसके साथ ही पीएम श्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से तेज और सुरक्षित यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे प्रदेश के दूरस्थ और पर्यटन-प्रधान क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

मध्यप्रदेश को बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर सहित 18 राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। इसके साथ ही यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के चार धरोहर स्थलों का शामिल होना और देश की 69 यूनेस्को धरोहरों में से 15 का मध्यप्रदेश में स्थित होना राज्य की पर्यटन क्षमता और वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है। यह उपलब्धियां निवेशकों के लिए प्रदेश को और अधिक आकर्षक बनाती हैं।

निवेश, तकनीक और औद्योगिक अवसरों पर होगी चर्चा

दावोस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वैश्विक मंच पर प्रदेश की निवेश नीति, औद्योगिक क्षमताओं और उपलब्ध अवसरों को साझा करेंगे। औद्योगिक निवेश, उन्नत तकनीक, पर्यटन, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और रक्षा उत्पादन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों और दीर्घकालिक विकास विजन की जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कई महत्वपूर्ण एमओयू होने की भी संभावना है।

नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री नवकरणीय ऊर्जा से जुड़े उच्च स्तरीय संवादों में भी भाग लेंगे। इन सत्रों में यूटिलिटी-स्केल ऊर्जा संक्रमण, निवेश जोखिम न्यूनीकरण और उप-राष्ट्रीय सरकारों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा होगी। मध्यप्रदेश के ग्रीन एनर्जी मॉडल, निजी निवेश को प्रोत्साहन और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

पर्यटन, रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में वन-टू-वन बैठकें

दावोस में ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, हेल्थकेयर, एफएमसीजी, एविएशन और उभरती तकनीकों से जुड़े वैश्विक उद्योग नेतृत्व के साथ लक्षित वन-टू-वन बैठकें होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य मध्यप्रदेश में दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग, ठोस निवेश अवसर और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को आगे बढ़ाना है।

राउंड टेबल चर्चाओं से मजबूत होगा वैश्विक सहयोग

औपचारिक सत्रों के अलावा मुख्यमंत्री उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चाएं, नेटवर्किंग मीटिंग और वैश्विक राजनीतिक प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। कुल मिलाकर, दावोस का यह दौरा मध्यप्रदेश को निवेश, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में निर्णायक पहल माना जा रहा है। यह यात्रा राज्य को वैश्विक निवेशकों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार करने का मजबूत संदेश देती है।

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