ग्रामीण की सतर्कता से टला संभावित खतरा, विस्फोटक को मानक प्रक्रिया के तहत निष्क्रिय किया जाएगा
राजौरी। जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले के धारियाला गांव के पास जंगल क्षेत्र में एक पुराना ग्रेनेड मिलने से रविवार को हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय पुलिस और सेना के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और संदिग्ध वस्तु को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह जंग लगा पुराना ग्रेनेड पाया गया, जिसे सुरक्षा मानकों के तहत निष्क्रिय किए जाने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार धारियाला निवासी शमशेर सिंह पुत्र रमेश चंदर जंगल में पशुओं के लिए घास काटने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक संदिग्ध धातु वस्तु पर पड़ी। आशंका होने पर उन्होंने अन्य ग्रामीणों को बुलाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया।
भीड़ जुटने से बढ़ा जोखिम
ग्रेनेड मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोग उसे देखने के लिए जमा हो गए थे, जिससे जोखिम की स्थिति पैदा हो सकती थी। सुरक्षा बलों ने लोगों को दूर हटाया और मानक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाते हुए विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लिया। अधिकारियों के अनुसार बरामद वस्तु को विशेषज्ञों द्वारा निष्क्रिय किया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ग्रेनेड कितने समय से वहां पड़ा था और जंगल क्षेत्र में कैसे पहुंचा।
पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया जा सकता है, ताकि किसी अन्य संदिग्ध सामग्री की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके।
हाल ही में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़
राजौरी क्षेत्र में सुरक्षा बल हाल के दिनों में सक्रिय अभियान चला रहे हैं। 19 फरवरी को राजौरी पुलिस और Rashtriya Rifles की 54 राष्ट्रीय राइफल्स (रोमियो फोर्स) ने एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में नौशेरा क्षेत्र के सेहर निवासी सचिन कुमार उर्फ पम्मा को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद तलाशी में एक तिसास जिगाना 9 मिलीमीटर पिस्टल, टीटी-30 नोरिंको पिस्टल और 15 कारतूस बरामद किए गए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि आरोपी सीमा पार स्थित नशीले पदार्थों और आतंकवाद से जुड़े ऑपरेटिव के संपर्क में था। उसके खिलाफ नौशेरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
सतर्कता से टली बड़ी घटना
धारियाला गांव में मिला यह पुराना ग्रेनेड भले ही जंग लगा था, लेकिन किसी भी विस्फोटक सामग्री को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ग्रामीण की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना से संभावित बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इसका संबंध किसी पुराने उग्रवादी गतिविधि से है या यह लंबे समय से परित्यक्त पड़ा था।
सीमा से सटे जिलों में इस तरह की बरामदगी सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को दर्शाती है। पुलिस और सेना ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो उसे छूने की बजाय तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
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