वर्ल्ड बैंक और डेलॉयट ने एक ही दिन में जताया भरोसा, भारतीय अर्थव्यवस्था को बताया सबसे तेज़ रफ्तार वाली

दुनिया इस समय गहरे भू-राजनीतिक और आर्थिक तनाव के दौर से गुजर रही है। एक ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों की चर्चा फिर तेज़ हो गई है, तो दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा रहा है। इन तमाम अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर राहत और भरोसे की खबरें सामने आ रही हैं, जिन्होंने न केवल घरेलू बाजार बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की स्थिति को मजबूत किया है।

एक दिन में भारत के पक्ष में आईं दो बड़ी वैश्विक रिपोर्टें

मोदी सरकार के लिए एक ही दिन में विदेश से दो बड़ी सकारात्मक खबरें सामने आईं। पहले World Bank ने भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की, जिससे यह संकेत मिला कि वैश्विक मंदी और अस्थिरता के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। इसके तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्म Deloitte ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा जताया और कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास गति थमने वाली नहीं है।

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वर्ल्ड बैंक का बढ़ा हुआ भरोसा

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में यह साफ तौर पर कहा गया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर पहले के अनुमानों से बेहतर रहने वाली है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव, घरेलू मांग की मजबूती और बुनियादी ढांचे में लगातार हो रहे निवेश को भारत की ताकत बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जहां सुस्ती से जूझ रही हैं, वहीं भारत स्थिरता और निरंतर विकास का उदाहरण पेश कर रहा है।

डेलॉयट का आकलन: भारत की रफ्तार नहीं होगी धीमी

डेलॉयट की रिपोर्ट ने भी इसी दिशा में संकेत दिया है। संस्था का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बनी रहेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारकों के बावजूद भारत की विकास क्षमता मजबूत है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में होनहार प्रदर्शन भारत को आगे बढ़ने की ताकत दे रहा है।

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वैश्विक एजेंसियों का भारत पर लगातार भरोसा

यह पहला मौका नहीं है जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत की आर्थिक मजबूती को स्वीकार किया हो। बीते कुछ वर्षों में कई वैश्विक रेटिंग एजेंसियां और आर्थिक संस्थान भारत को “फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी” के रूप में पहचान दे चुकी हैं। घरेलू खपत, युवा आबादी, तकनीकी नवाचार और नीति सुधारों को भारत की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।

मोदी सरकार की नीतियों को मिल रही अंतरराष्ट्रीय सराहना

वैश्विक रिपोर्टों में भारत की इस मजबूती का श्रेय काफी हद तक केंद्र सरकार की नीतियों को भी दिया जा रहा है। बुनियादी ढांचे पर खर्च, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने जैसे कदमों ने अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इन नीतिगत सुधारों ने भारत को वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी संतुलित बनाए रखा है।

भारत बना दुनिया के लिए स्थिरता का उदाहरण

जब दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक सुस्ती और अनिश्चितता हावी है, ऐसे समय में भारत का लगातार मजबूत प्रदर्शन वैश्विक निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत बन रहा है। वर्ल्ड बैंक और डेलॉयट जैसी संस्थाओं की रिपोर्टें यह साफ करती हैं कि भारत न केवल मौजूदा चुनौतियों का सामना कर रहा है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं के लिहाज से भी एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।

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