भारतीय ज्ञान परंपरा: मरुत विज्ञान (माइक्रोबायोलॉजी) का वैदिक दृष्टिकोण

सूक्ष्म जीवाणु: जीवन का आधार पृथ्वी पर समस्त जीवन का आधार सूक्ष्म जीवाणु हैं। ये केवल रोग उत्पन्न करने वाले कारक नहीं हैं, बल्कि अधिकांश सूक्ष्म जीवाणु जीवनदायिनी भूमिका निभाते हैं। आधुनिक विज्ञान इन्हें “प्रोबायोटिक्स” कहता है, जबकि वैदिक ग्रंथों में इन्हें “मरुद्गण” के नाम से जाना जाता है। वैदिक साहित्य में इन जैविक सूक्ष्माणुओं … Continue reading भारतीय ज्ञान परंपरा: मरुत विज्ञान (माइक्रोबायोलॉजी) का वैदिक दृष्टिकोण