विश्वकप ड्यूटी के दौरान मिली शोकपूर्ण खबर, टीम प्रबंधन ने जताया समर्थन

नई दिल्ली, 27 फ़रवरी (हि.स.)। टी20 विश्वकप के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ रिंकू सिंह पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता खचंद्र सिंह का शुक्रवार तड़के सुबह करीब 4 बजकर 36 मिनट पर स्टेज-4 लीवर कैंसर से लंबी जंग के बाद निधन हो गया। उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां पिछले कुछ समय से उनका इलाज चल रहा था।

लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस

परिजनों के अनुसार खचंद्र सिंह की हालत बीते कुछ दिनों से अत्यंत नाज़ुक बनी हुई थी। उन्हें वेंटिलेटर सहायता पर रखा गया था और डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति को स्थिर रखने के प्रयास कर रहे थे। किडनी संबंधी जटिलताओं को नियंत्रित करने के लिए रीनल थेरेपी भी दी जा रही थी। गहन चिकित्सा के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो पाया और अंततः उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली।

परिवार के लिए यह क्षति अत्यंत गहरा आघात है। खचंद्र सिंह अपने बेटे रिंकू के क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों से हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे थे। कठिन आर्थिक परिस्थितियों में भी उन्होंने बेटे के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया।

विश्वकप ड्यूटी के बीच निजी शोक

यह दुखद घटना ऐसे समय में हुई जब रिंकू सिंह भारतीय टीम के साथ टी20 विश्वकप में व्यस्त थे। जिम्बाब्बे के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले से पहले जब उनके पिता की हालत बिगड़ी थी, तब वे तत्काल घर लौटे थे। कुछ समय बाद वे चेन्नई में टीम से दोबारा जुड़ गए थे, लेकिन पिता के निधन के बाद वे फिर से घर वापस लौट गए हैं।

जिम्बाब्बे के खिलाफ मुकाबले में रिंकू अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे। टीम संयोजन में बदलाव करते हुए संजू सैमसन और अक्षर पटेल को शामिल किया गया। संजू सैमसन को शीर्ष क्रम में मौका दिया गया, जबकि ईशान किशन को निचले क्रम में भेजा गया और तिलक वर्मा को फिनिशर की भूमिका सौंपी गई। हालांकि रिंकू मैदान पर स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ मौजूद रहे।

टूर्नामेंट में प्रदर्शन और आगे की स्थिति

इस विश्वकप में अब तक रिंकू सिंह पांच मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने 24 रन बनाए हैं। उन्हें मुख्य रूप से फिनिशर की भूमिका सौंपी गई थी, जहां वे दबाव की परिस्थितियों में तेज़ रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि व्यक्तिगत शोक के चलते उनकी उपलब्धता को लेकर अब संशय की स्थिति बनी हुई है।

भारत को अब कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबला खेलना है, जो लगभग नॉकआउट जैसा माना जा रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से अभी तक उनकी भागीदारी पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। टीम के साथी खिलाड़ी इस कठिन समय में रिंकू के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

हरभजन सिंह ने जताई संवेदना

पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि खचंद्र सिंह के निधन का समाचार बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि टी20 विश्वकप के दौरान रिंकू और उनके परिवार के लिए यह समय अत्यंत कठिन है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

क्रिकेट जगत में शोक की लहर

रिंकू सिंह के इस निजी शोक ने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया है। सामाजिक माध्यमों पर प्रशंसकों और खिलाड़ियों द्वारा संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा मंच है, और ऐसे समय में खिलाड़ी के व्यक्तिगत जीवन का दर्द भी सबको छू जाता है।

टीम इंडिया जहां एक ओर महत्वपूर्ण मुकाबले की तैयारी में जुटी है, वहीं दूसरी ओर खिलाड़ी अपने साथी के इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं। यह क्षण याद दिलाता है कि खेल के मैदान से परे भी खिलाड़ियों का जीवन संघर्ष और भावनाओं से भरा होता है।

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