शहर के बीचों-बीच हुई घटना, स्कूल के पास गिरा विमान, प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर तैनात

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शहर के बीचों-बीच एक तालाब में सेना का एयरक्राफ्ट गिर गया। यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ, जहां अचानक आसमान में उड़ रहा एयरक्राफ्ट असंतुलित होकर नीचे आ गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से पहले विमान हवा में डगमगाता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में तेज धमाके जैसी आवाज के साथ तालाब में समा गया।

अचानक बिगड़ा संतुलन, जोरदार आवाज से सहमे लोग

स्थानीय लोगों ने बताया कि एयरक्राफ्ट सामान्य ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते विमान नीचे की ओर झुक गया और कुछ सेकेंड के भीतर तालाब में गिर पड़ा। गिरने के दौरान इतनी तेज आवाज हुई कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।

तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद सैकड़ों लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। कई लोगों ने बताया कि उन्हें पहले लगा कोई बड़ा विस्फोट हुआ है। बाद में जब तालाब के पास धुआं और हलचल दिखी, तब लोगों को हादसे की गंभीरता का अंदाजा हुआ।

स्कूल के पास हुआ हादसा, बच्चों में भी मची अफरा-तफरी

हादसे की जगह के पास ही एक स्कूल भी स्थित है। प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद शाबिर के अनुसार, उस समय स्कूल में बच्चे प्रैक्टिकल परीक्षा दे रहे थे। अचानक आसमान में लाल रंग का सिग्नल बहुत तेज आवाज के साथ दिखाई दिया, जिससे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।

उन्होंने बताया कि लगभग दो मिनट बाद आसमान में पैराशूट खुलते हुए दिखाई दिए और उसके तुरंत बाद जहाज तालाब में गिर गया। इस दौरान स्कूल में मौजूद बच्चे और शिक्षक घबरा गए, लेकिन किसी तरह स्थिति को संभाला गया।

पुलिस और प्रशासन को दी गई सूचना

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें मौके के लिए रवाना हो गईं। कुछ ही समय में प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया।

तालाब के आसपास भीड़ बढ़ने लगी थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा कारणों से लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए।

तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की त्वरित कार्रवाई के चलते अब तक तीन लोगों को तालाब से बाहर निकाल लिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों लोग वर्दी में थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे सेना से जुड़े हुए हैं।

हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक तौर पर साफ नहीं हो पाया है कि एयरक्राफ्ट में कुल कितने लोग सवार थे और हादसे के समय उनकी स्थिति क्या थी। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

पैराशूट खुलने से टली बड़ी अनहोनी

स्थानीय लोगों के अनुसार, एयरक्राफ्ट गिरने से पहले पैराशूट खुलते हुए दिखाई दिए थे। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पायलट या उसमें सवार कर्मियों ने समय रहते आपात कदम उठाए। यही वजह मानी जा रही है कि अब तक जानमाल के बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

रेस्क्यू टीमों ने तालाब में उतरकर तलाशी अभियान भी शुरू किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति अंदर फंसा न हो।

प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए

प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात का लगातार जायजा ले रही हैं। क्षेत्र में एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तकनीकी विशेषज्ञों और सेना से जुड़े अधिकारियों के भी मौके पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, ताकि एयरक्राफ्ट गिरने के कारणों की जांच की जा सके।

फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, घटना से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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