आलोचनाओं के बीच संयम बना रहा, आज देश के हित में बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक फैसला संभव हुआ: प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए अमेरिका के साथ हुए टैरिफ समझौते को देश के लिए ऐतिहासिक कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समझौते तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। सरकार को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन धैर्य और संतुलन बनाए रखा गया। उन्होंने कहा कि धैर्य रखने का ही परिणाम है कि आज यह समझौता संभव हो पाया, जिससे देश के लिए एक सकारात्मक और भरोसेमंद वातावरण बना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक छवि, आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक रणनीति से जुड़ा हुआ कदम है। उन्होंने सांसदों को समझाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर लिए गए ऐसे फैसले तात्कालिक नहीं होते, बल्कि दूरगामी सोच और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता आज संसद भवन परिसर में आयोजित NDA संसदीय दल की बैठक में सम्मिलित हुए।
— BJP (@BJP4India) February 3, 2026
बैठक में श्री @NitinNabin का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर औपचारिक स्वागत किया गया। pic.twitter.com/7uODS1jcMG
टैरिफ समझौते को लेकर सांसदों में उत्साह
टैरिफ समझौते के एलान के बाद संसद परिसर में एनडीए के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित किया। बैठक में मौजूद सांसदों ने इसे सरकार की कूटनीतिक सफलता बताया। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस समझौते को नए युग की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी करार देते हुए कहा कि इससे भारत और अमेरिका के संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और भारतीय उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वैश्विक मंच पर अपने हितों के साथ मजबूती से खड़ा होकर निर्णय लेने वाला राष्ट्र बन चुका है। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे इस संदेश को अपने-अपने क्षेत्रों तक पहुंचाएं, ताकि आम जनता को यह समझ में आए कि ऐसे फैसलों का सीधा लाभ देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों पर पड़ता है।
#WATCH | Delhi | NDA MPs felicitate PM Modi for the India-US trade agreement, at NDA Parliamentary party meeting in Parliament premises pic.twitter.com/M5nMRwggtn
— ANI (@ANI) February 3, 2026
संसद में अनुशासन और सक्रियता पर जोर
एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों के अनुशासन और संसद में सक्रिय उपस्थिति को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की आत्मा है। हर सांसद की जिम्मेदारी है कि वह सदन की कार्यवाही में नियमित रूप से उपस्थित रहे और चर्चाओं में गंभीरता से भाग ले।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जवाबदेही केवल सरकार की नहीं होती, बल्कि विधायी प्रक्रिया को मजबूत करना सांसदों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संसद में मजबूत और सार्थक चर्चा से ही देश के लिए बेहतर नीतियां बनती हैं और लोकतंत्र मजबूत होता है।
/filters:format(webp)/swadeshjyoti/media/media_files/2026/02/03/pm-modi-in-nda-meeting-2026-02-03-14-37-01.jpg)
बजट की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने के निर्देश
प्रधानमंत्री ने सांसदों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करें और बजट की प्रमुख उपलब्धियों को समझाएं। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि आम नागरिकों को बताया जाए कि बजट में किए गए प्रावधान उनके जीवन, रोजगार, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को किस तरह से फायदा पहुंचाने वाले हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए फैसलों का सही मूल्यांकन तभी होगा, जब जनता को उनकी पूरी जानकारी मिले। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे जमीनी स्तर पर जाकर यह विश्वास पैदा करें कि सरकार की नीतियां आम आदमी के हित में हैं।
देश की निर्माण क्षमता मजबूत करने का आह्वान
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की निर्माण क्षमता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी औद्योगिक ताकत को और मजबूत करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में निर्माण गतिविधियां बढ़ें, गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार हों और भारत विश्व बाजार में अपनी अलग पहचान बनाए, यही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अब दुनिया को भारत की ‘मेड इन इंडिया’ गुणवत्ता से परिचित कराने का समय है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यदि भारत अपनी निर्माण क्षमता और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करता है, तो आने वाले वर्षों में देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अहम भूमिका निभा सकता है।

दीर्घकालिक सोच और राष्ट्रीय हित का संदेश
एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री का संबोधन केवल एक राजनीतिक संदेश नहीं था, बल्कि इसमें दीर्घकालिक सोच, धैर्य और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत था। उन्होंने सांसदों से कहा कि सरकार और संगठन को मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि देश की आर्थिक और कूटनीतिक मजबूती का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद यह साफ हो गया कि सरकार अमेरिका के साथ हुए टैरिफ समझौते को केवल एक समझौता नहीं, बल्कि भारत के वैश्विक भविष्य की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम मानती है।
केंद्रीय बजट-2026 पर भोपाल में पत्रकार वार्ता: विकसित भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने वाला बजट
हाई-प्रोटीन शाकाहारी भोजन, बिना मांस रोज 100 ग्राम प्रोटीन कैसे पूरा करें
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ी सहमति, ट्रम्प ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071157234z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-56.png)
/swadeshjyoti/media/agency_attachments/2025/11/09/2025-11-09t071151025z-logo-640-swadesh-jyoti-1-2025-11-09-12-41-50.png)
/swadeshjyoti/media/media_files/2026/02/03/pm-modi-in-nda-meeting-2026-02-03-14-36-45.jpg)