सांवरा खेड़ी में नदी तट पर आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री करेंगे 21 कन्याओं का कन्यादान, विवाह की सादगी प्रदेशभर में चर्चा का विषय
उज्जैन/भोपाल, 29 नवंबर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा की वजह भव्यता नहीं, बल्कि सादगी और सामाजिक समरसता का संदेश है। मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी किसी आलीशान होटल या महलनुमा विवाह स्थल पर न कराते हुए इसे सामूहिक विवाह सम्मेलन में करवाने का निर्णय लिया है, जिससे यह आयोजन एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है।
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खरगोन की डॉ. इशिता बनेंगी अभिमन्यु की जीवनसंगिनी
डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह खरगोन की डॉ. इशिता के साथ 30 नवंबर को उज्जैन जिले की सांवरा खेड़ी में नदी तट पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में संपन्न होगा। यह विवाह सम्मेलन अनेक सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से समाज में सादगी, समानता और सामूहिकता के मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री करेंगे 21 जोड़ों का कन्यादान
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इस सामूहिक विवाह सम्मेलन का सबसे विशेष और भावनात्मक पल होगा मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा 21 जोड़ों का कन्यादान करना। इससे न केवल सामाजिक एकता को बल मिलेगा, बल्कि मुख्यमंत्री का यह कदम कई परिवारों को प्रेरित करने वाला होगा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार अनावश्यक खर्चों के बिना भी गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न किए जा सकते हैं।
विवाह आयोजन की शुरुआत गीता कॉलोनी निवास से
विवाह के प्रारंभिक कार्यक्रम शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री के गीता कॉलोनी स्थित सरकारी निवास पर आयोजित हुए।
यहां
माता पूजन,
कलश स्थापना,
पारंपरिक संगीत,
और परिवार की पूजा-विधि
शुभता के माहौल में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी, बड़े बेटे वैभव, बेटी डॉ. आकांक्षा सहित पूरा परिवार शामिल रहा। बैंड-बाजा और पारंपरिक ढोल की धुनों के साथ पूजा-अनुष्ठान में स्थानीय लोगों ने भी बड़े उत्साह से भाग लिया।
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सादगी और परंपराओं का अनूठा संगम
मुख्यमंत्री ने अपने पुत्र की शादी को भव्य दावतों और दिखावे से दूर रखकर सादगीपूर्ण आयोजन का रूप दिया है। न तो फिजूलखर्ची, न ही बड़ा आयोजन—बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के साथ संयुक्त विवाह कराकर मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यह फैसला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला बताया जा रहा है।
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सामाजिक संगठनों की भूमिका
सांवरा खेड़ी में होने वाला सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
यहां
जोड़ों को विवाह का संपूर्ण प्रबंध,
आवश्यक सामग्री,
और सरकारी योजनाओं के लाभ
एक ही मंच पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री होंगे पूरे समारोह का हिस्सा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 नवंबर को निर्धारित सामूहिक विवाह सम्मेलन में पूरे कार्यक्रम के दौरान स्वयं शामिल रहेंगे और बेटे की शादी के साथ अन्य 21 जोड़ों के विवाह की रस्मों में भी हिस्सा लेंगे।
यह दृश्य प्रदेश की राजनीति और समाज दोनों के लिए एक अनूठी मिसाल बनेगा।
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